Jamshedpur Big News: जमशेदपुर में पुलिस चेकिंग पॉइंट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करना अब भारी पड़ सकता है. यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चेकपोस्ट के सटीक लोकेशन और चेकिंग प्रक्रिया को सार्वजनिक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस के अनुसार, लोग लोकेशन साझा कर देते हैं जिससे वाहन चालक रास्ता बदलकर जांच से बच निकलते हैं. इससे न केवल पुलिस की कार्रवाई प्रभावित होती है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था के लिए भी बड़ी चुनौती बन गई है.
सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए विशेष टीम गठित
पुलिस अब इन्फ्लूएंसर और आम लोगों द्वारा अपलोड किए जा रहे वीडियो पर ह्रैशटैग के जरिए निगरानी रखेगी. इसके लिए एक विशेष टीम का गठन किया जा रहा है जो विभिन्न प्लेटफार्मों पर संदिग्ध वीडियो की पहचान करेगी. डीएसपी (यातायात) नीरज ने बताया कि कई बार पुलिस की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से भ्रामक और एडिटेड वीडियो प्रसारित किए जाते हैं. ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर जेल भेजने तक की कार्रवाई हो सकती है.
भ्रामक सूचनाओं से जनता के बीच गलत संदेश
पुलिस का मानना है कि भ्रामक तरीके से पेश किए गए वीडियो न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि आम जनता के बीच भी गलत संदेश फैलाते हैं. शहर में वर्तमान में 35 से अधिक चेकिंग पॉइंट संचालित हो रहे हैं, जहां प्रतिदिन औसतन एक लाख रुपये तक का जुर्माना वसूला जा रहा है. इन कार्रवाइयों की गोपनीयता बनाए रखना सुरक्षित यातायात के लिए अनिवार्य है.