Fake Note Exchange News: सोशल मीडिया पर इन दिनों पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों को लेकर एक खबर तेजी से फैल रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि अब इन्हें फिर से बदला जा सकता है. इस खबर ने लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है. लेकिन सरकार ने इस दावे को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है.
PIB फैक्ट चेक ने किया साफ, पुराने नोट बदलने का दावा झूठा
सरकार की ओर से प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो की फैक्ट चेक यूनिट ने स्पष्ट किया है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों को बदलने को लेकर कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं की है. ऐसे सभी दावे पूरी तरह फर्जी हैं. लोगों को सलाह दी गई है कि वे इस तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें.
नोटबंदी के बाद से अमान्य हैं पुराने नोट, दोबारा एक्सचेंज की कोई व्यवस्था नहीं
सरकार ने दोहराया कि 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के फैसले के तहत पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद कर दिया गया था और वे आज भी कानूनी रूप से अमान्य हैं. उस समय नोट बदलने और जमा करने के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की गई थी, जो अब समाप्त हो चुकी है. फिलहाल इन्हें बदलने के लिए कोई नई विंडो नहीं खोली गई है.
बैंकिंग शिकायत और नकली नोटों से सावधानी को लेकर भी सलाह
अगर किसी बैंक द्वारा नोट या सिक्के लेने से इनकार किया जाता है या बैंकिंग सेवाओं में परेशानी आती है, तो ग्राहक पहले संबंधित बैंक में शिकायत दर्ज कर सकते हैं. 30 दिनों में समाधान नहीं मिलने पर RBI लोकपाल के पास शिकायत की जा सकती है.
साथ ही विशेषज्ञों ने लोगों को नकली नोटों से सावधान रहने की सलाह दी है. 500 रुपये के असली नोट में सुरक्षा धागा झुकाने पर रंग बदलता है, महात्मा गांधी का वॉटरमार्क दिखता है, माइक्रो लेटरस में RBI और INDIA लिखा होता है और “500” का अंक भी रंग बदलता नजर आता है.
सरकार ने साफ कर दिया है कि पुराने नोटों को लेकर फैल रही खबरें सिर्फ अफवाह हैं. ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें, किसी भी अनजान दावे पर भरोसा न करें और केवल विश्वसनीय व आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें.