Jharkhand News: झारखंड के एकमात्र एम्स, देवघर में इस सत्र से पहली बार एमएससी मेडिकल की पढ़ाई शुरू होने जा रही है. जुलाई 2026 से शुरू होने वाले इस नए शैक्षणिक सत्र में पांच विषयों में नामांकन लिया जाएगा, जिससे राज्य के मेडिकल शिक्षा क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी.
एम्स देवघर में मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी, एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और फार्माकोलॉजी विषयों में एमएससी मेडिकल कोर्स शुरू किया जाएगा. प्रत्येक विषय में दो-दो सीटें निर्धारित की गई हैं. संस्थान प्रबंधन का कहना है कि इससे मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में शोध और विशेषज्ञता को बढ़ावा मिलेगा.
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत स्थापित एम्स देवघर संताल परगना जैसे पिछड़े क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा का बड़ा केंद्र बन चुका है. यहां सितंबर 2019 में ओपीडी सेवा शुरू हुई थी, जबकि वर्ष 2022 से आईपीडी सेवा भी प्रारंभ हुई. वर्तमान में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा उपलब्ध है और प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं.
एम्स देवघर ने अब तक देश को 50 नए डॉक्टर दिए हैं. यहां पहले से एमबीबीएस की 125 सीटों पर पढ़ाई हो रही है, जबकि बीएससी नर्सिंग में 60 सीटों पर नामांकन लिया जा रहा है. पीएचडी कोर्स में पहले 10 सीटें स्वीकृत थीं, जिसे बढ़ाकर अब 22 कर दिया गया है. सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश नीट के आधार पर किया जाता है.
एम्स के सेंट्रल लैब में कैंसर, बायोप्सी, टीबी और एलिसा टेस्ट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं. मरीजों को एक ही स्थान पर सैंपल कलेक्शन और रिपोर्ट वितरण की सुविधा मिल रही है. इससे झारखंड के साथ-साथ बिहार के सीमावर्ती जिलों के मरीजों को भी काफी राहत मिल रही है.
कार्यकारी निदेशक डॉ. नितिन एम गांगने ने बताया कि पहली बार एमएससी मेडिकल की पढ़ाई शुरू होने जा रही है, जो संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य के विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसर लेकर आएगी.