Jharkhand News: भारत आने वाले विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जारी हालिया आंकड़ों ने झारखंड का मान बढ़ाया है. जहां देश के विभिन्न राज्यों में विदेशियों के खिलाफ कुल 170 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, वहीं झारखंड उन गिने-चुने राज्यों में शामिल है जहां एक भी अप्रिय घटना सामने नहीं आई है. अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और जलप्रपातों के लिए मशहूर झारखंड अब विदेशी सैलानियों के लिए भरोसे का दूसरा नाम बन गया है. यह शून्य अपराध दर राज्य की पुलिसिंग और स्थानीय लोगों के अतिथि सत्कार का सीधा परिणाम है.
कर्नाटक और हिमाचल जैसे राज्यों में स्थिति चिंताजनक
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पर्यटन के मामले में अग्रणी माने जाने वाले कई राज्यों में विदेशी नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. सूची में 32 मामलों के साथ कर्नाटक सबसे ऊपर है, जबकि शांत माना जाने वाला हिमाचल प्रदेश 22 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है. दक्षिण भारत के केरल (17) और तमिलनाडु (15) में भी अपराध के मामले दर्ज हुए हैं. इसके उलट झारखंड, बिहार और गुजरात जैसे राज्यों ने सुरक्षा के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है, जहां विदेशी नागरिकों के खिलाफ कोई मामला सामने नहीं आया.
देशभर के 170 मामलों में राज्यों की स्थिति काफी अलग-अलग है. हरियाणा में 18, महाराष्ट्र में 19 और गोवा में 16 मामले दर्ज किए गए हैं, जो प्रमुख पर्यटन स्थल होने के बावजूद सुरक्षा के मोर्चे पर कमजोर दिखते हैं. राजस्थान, जिसे विदेशी पर्यटकों का गढ़ माना जाता है, वहां भी 8 आपराधिक घटनाएं दर्ज हुई हैं. झारखंड की शून्य रिपोर्ट यह साबित करती है कि राज्य प्रशासन विदेशी मेहमानों को सुरक्षित वातावरण देने के अपने वादे पर खरा उतरा है.
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
सुरक्षा के मोर्चे पर मिली यह उपलब्धि झारखंड के पर्यटन उद्योग के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है. राज्य सरकार अब इस जीरो क्राइम रेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने की योजना बना रही है ताकि और अधिक विदेशी सैलानियों को आकर्षित किया जा सके. विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित माहौल होने से न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि राज्य की वैश्विक छवि भी सुधरेगी. फिलहाल, यह रिपोर्ट झारखंड पुलिस और राज्य की जनता के लिए गर्व का विषय है.