Seraikela News: सरायकेला जिले में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक में दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था मजबूत करने और ब्लैक स्पॉट सुधार को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए.
मार्च के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता, ब्लैक स्पॉट सुधार पर फोकस
बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो ने बताया कि मार्च 2026 में जिले में 22 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 20 लोगों की जान गई और 12 लोग गंभीर रूप से घायल हुए. इन आंकड़ों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने दुर्घटना संभावित स्थानों यानी ब्लैक स्पॉट पर तत्काल सुधार कार्य शुरू करने का निर्देश दिया. उन्होंने चेतावनी संकेतक, स्पीड ब्रेकर, टर्निंग पॉइंट साइन, जिग-जैग बैरिकेडिंग, ज़ेब्रा क्रॉसिंग और स्ट्रीट लाइट लगाने व मरम्मत का काम प्राथमिकता से पूरा करने को कहा.
निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी, समय-सीमा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने का आदेश
विभिन्न सड़कों और पुलिया के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित विभागों और एजेंसियों को सख्त निर्देश दिया कि सभी कार्य तय समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं. उन्होंने कहा कि अधूरे या धीमे काम सड़क हादसों की बड़ी वजह बनते हैं, इसलिए इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
आदित्यपुर में ट्रैफिक दबाव कम करने की तैयारी, पीक आवर में नो-एंट्री का सुझाव
यातायात निरीक्षक राजू ने बताया कि आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ जाता है. इसे देखते हुए इस अवधि में भारी वाहनों के प्रवेश पर नो-एंट्री लागू करने का प्रस्ताव रखा गया. उपायुक्त ने डीआईसी महाप्रबंधक, डीटीओ और यातायात विभाग को औद्योगिक इकाइयों के साथ बैठक कर इस पर निर्णय लेने का निर्देश दिया. साथ ही जहां भारी वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित है, वहां सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया.
बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, एसडीओ सरायकेला-चांडिल, डीएसपी मुख्यालय समेत कई अधिकारी मौजूद रहे. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यों को समन्वय के साथ और तय समय-सीमा में लागू किया जाए, ताकि जिले में हादसों की संख्या कम हो और लोगों की जान बचाई जा सके.