Bokaro News: बोकारो में हुए अवैध वेतन निकासी घोटाले की परतों को उधेड़ने के लिए गठित उच्चस्तरीय जांच दल ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. उत्पाद विभाग के प्रधान सचिव सह जांच दल के अध्यक्ष अमिताभ कौशल ने जिला प्रशासन के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर पिछले छह वर्षों के तमाम वित्तीय रिकॉर्ड तैयार रखने का सख्त निर्देश दिया है. जांच दल ने स्पष्ट किया है कि वेतन मद में आवंटित राशि से लेकर उसकी निकासी तक की एक-एक पाई का हिसाब देना होगा.
20 बिंदुओं पर तैयार होगी रिपोर्ट
घोटाले की गहराई को मापने के लिए जांच दल ने 20 विशिष्ट बिंदु निर्धारित किए हैं, जिन पर जिला प्रशासन को विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी है. डिप्टी एजी भार्गव राम ख्याति द्वारा तैयार किए गए इन बिंदुओं में वेतन आवंटन, बैंक खातों के विवरण और निकासी की प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू शामिल हैं. प्रधान सचिव ने निर्देश दिया है कि सभी साक्ष्य और कागजात एकत्रित रखे जाएं ताकि जब टीम बोकारो पहुंचे, तो बिना किसी देरी के दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की जा सके.
रांची से बोकारो पहुंचेगा विशेष दस्ता
गुरुवार को हुई इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बोकारो के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सहित कई वरीय अधिकारी शामिल हुए. बैठक में तय किया गया कि अगले एक सप्ताह के भीतर रांची से अधिकारियों का एक विशेष दस्ता बोकारो का दौरा करेगा. यह दस्ता न केवल कागजों की जांच करेगा, बल्कि उन बैंक ट्रांजेक्शन की भी पड़ताल करेगा जिनके जरिए सरकारी खजाने को चूना लगाया गया है. इस प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारियों की रूपरेखा तय होगी.
प्रशासनिक महकमे में मची खलबली
256 करोड़ के इस संभावित घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, संबंधित विभागों में हड़कंप मचा हुआ है. जांच दल ने साफ कर दिया है कि यदि प्राथमिक रिपोर्ट के बाद अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता पड़ी, तो और भी कड़े साक्ष्य मांगे जा सकते हैं. वर्तमान में प्रशासन युद्धस्तर पर डेटा संकलन में जुटा है ताकि निर्धारित 20 बिंदुओं पर जवाब तैयार किया जा सके. इस कार्रवाई से यह संकेत मिल रहे हैं कि अवैध निकासी के इस खेल में शामिल किसी भी बड़े अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा.