Jharkhand News: झारखंड पुलिस विभाग में दशकों से एक ही जिले और सीट पर जमे कर्मचारियों के एकाधिकार को खत्म करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है. राज्य गठन के बाद से ही कई जिलों में अकाउंटेंट और क्लर्क अपने पदों पर बने हुए हैं, जिनका कभी तबादला नहीं हुआ. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त आदेश दिया है कि एक ही स्थान पर 5 साल से अधिक समय से पदस्थापित सभी कर्मियों का तत्काल स्थानांतरण किया जाए. इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, क्योंकि अब तक केवल शिकायत या आरोपों के आधार पर ही इक्का-दुक्का तबादले होते थे.
63 हजार जवानों और हजारों क्लर्कों पर रडार
इस फेरबदल का दायरा काफी बड़ा है, जिसमें सिपाही, हवलदार, लिपिक और उच्च वर्गीय लिपिक संवर्ग के हजारों कर्मचारी शामिल हैं. राज्य में करीब 63,000 सिपाही-हवलदार और 1,000 से अधिक क्लर्क कार्यरत हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि कई कर्मचारी प्रोन्नति (प्रमोशन) मिलने के बावजूद उसी जिले में जमे हुए हैं. विभाग में लिपिक संवर्ग में एक बड़ी संख्या उग्रवादी हिंसा में शहीद हुए जवानों के आश्रितों की भी है. अब मंत्री के कड़े रुख के बाद विभाग एकमुश्त स्थानांतरण की नीति तैयार कर रहा है, जो लंबे समय से लंबित थी.
पुलिस मैनुअल और तकनीकी पेंच बना था बाधा
अब तक इन संवर्गों के तबादले न होने के पीछे पुलिस मैनुअल की तकनीकी खामियों को बड़ी वजह माना जाता रहा है. मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, लिपिक और सिपाहियों की कार्य अवधि को लेकर मैनुअल में कोई स्पष्ट बाध्यता नहीं थी. जिलों को स्वीकृत बल के अनुरूप ही नियुक्तियां होती थीं, जिससे संबंधित एसपी केवल जिले के भीतर ही उनका तबादला कर सकते थे. दूसरे जिले में जाने के लिए पुलिस शिकायत कोषांग में आवेदन देना पड़ता था, जिससे एकमुश्त स्थानांतरण की प्रक्रिया कभी शुरू ही नहीं हो पाई.
पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम
स्थानांतरण की इस कवायद का मुख्य उद्देश्य विभाग के भीतर पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करना है. सालों से एक ही जगह जमे रहने के कारण कई कर्मचारियों का स्थानीय स्तर पर गहरा प्रभाव बन गया है, जिसे तोड़ना प्रशासनिक दृष्टिकोण से आवश्यक हो गया था. वित्त मंत्री के निर्देश के बाद अब पुलिस मुख्यालय ऐसे कर्मियों की सूची तैयार कर रहा है जो निर्धारित 5 वर्ष की सीमा पार कर चुके हैं. आने वाले दिनों में राज्यभर में पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक स्टाफ की नई तैनाती देखने को मिलेगी.