Jharkhand News: राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक यानी एनक्यूएएस प्रमाणन के क्षेत्र में झारखंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया है. राज्य के 61.33 प्रतिशत स्वास्थ्य संस्थानों को गुणवत्ता प्रमाणन मिल चुका है, जिससे झारखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है.
रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड से आगे केवल दो केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली-दमण एवं दीव और अंडमान-निकोबार हैं. हालांकि इन दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या काफी कम है. दादरा एवं नगर हवेली-दमण एवं दीव में 98 और अंडमान-निकोबार में 129 स्वास्थ्य संस्थान हैं. ऐसे में बड़े आधार पर झारखंड की यह उपलब्धि और भी अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस सफलता को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है. विभाग का कहना है कि लगातार निगरानी, बेहतर प्रबंधन और जमीनी स्तर पर टीमों की सक्रिय भागीदारी के कारण यह संभव हो सका है.
राज्य के क्वालिटी एश्योरेंस से जुड़े अधिकारी डॉ. रंजीत प्रसाद ने कहा कि यह सफलता विभागीय मंत्री, अपर मुख्य सचिव और प्रबंध निदेशक के सकारात्मक नेतृत्व का परिणाम है. साथ ही राज्य और जिला स्तर पर काम कर रही गुणवत्ता टीमों के निरंतर प्रयास और समर्पण ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है. उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके सहयोग के लिए आभार जताया.
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक एक ऐसी प्रणाली है, जिसके तहत स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा, प्रबंधन व्यवस्था और सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाता है. जो संस्थान तय मानकों पर खरे उतरते हैं, उन्हें प्रमाणन दिया जाता है. इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होती है और मरीजों का भरोसा भी मजबूत होता है.