Jharkhand News: पंचायत चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही उन्हें गांव और पंचायतों की याद आने लगी है. उन्होंने इसे केवल राजनीतिक दिखावा बताते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने पंचायतों के विकास के लिए कोई ठोस काम नहीं किया.
आदित्य साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री पंचायतों को मजबूत करने और गांवों के विकास की बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे अलग है. उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव को पहले लंबे समय तक टाल दिया गया और अब चुनाव करीब आते ही सरकार गांवों के प्रति संवेदनशील होने का दावा कर रही है.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड की 4342 पंचायतों के लिए 2254 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई है. उनके अनुसार, हर पंचायत को औसतन करीब 52 लाख रुपये मिलेंगे. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि पहले कभी पंचायतों को नहीं मिली थी और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच और ग्रामीण विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम है.
साहू ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस केंद्रीय राशि का श्रेय खुद लेने की कोशिश कर रही है, जबकि यह पूरी तरह केंद्र सरकार की देन है. उन्होंने कहा कि सरकार केवल वाहवाही लूटने में लगी है, जबकि जरूरत इस बात की है कि इस धन का सही उपयोग गांवों के विकास, गरीबों, मजदूरों और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए किया जाए.
उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि पिछले चार सालों में गांवों के लिए आखिर कौन से बड़े काम किए गए. भाजपा का कहना है कि सरकार को इसका जवाब जनता के सामने देना चाहिए. आदित्य साहू ने कहा कि पंचायतों को मजबूत किए बिना राज्य का विकास संभव नहीं है और भाजपा इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी.