Jharkhand Health Minister Dr. Irfan Ansari: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने गुरुवार को नयी दिल्ली स्थित निर्माण भवन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्रालय के तमाम वरीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुख्य मांगें
मंत्री डॉ. अंसारी ने न केवल केंद्रीय मंत्री को झारखंडी हस्तनिर्मित अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई गंभीर और दूरदर्शी मांगें भी मजबूती से रखीं।
मेडिको सिटी: डॉ. अंसारी ने झारखंड में मेडिको सिटी की मांग को प्राथमिकता दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में प्रतिदिन हज़ारों की संख्या में मरीज आते हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण उन्हें अक्सर दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है।
नए मेडिकल कॉलेज: डॉ. अंसारी ने 6 नए मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी की मांग की। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार की स्वीकृति अनिवार्य है।
आयुष्मान भारत योजना: राज्य में 213 इंपैनल्ड अस्पतालों के आयुष्मान भारत योजना के तहत लंबित भुगतान पर भी मंत्री ने चिंता जताई।
एम्स की स्थापना: डॉ. अंसारी ने संथाल परगना में एम्स स्थापना पर केंद्रीय सरकार का आभार जताते हुए राजधानी रांची में भी एम्स की स्थापना की मांग की।
रिनपास का अपग्रेडेशन: उन्होंने 100 वर्ष पूर्ण कर चुके रिनपास को अपग्रेड करने की भी मांग की।
केंद्रीय मंत्री का आश्वासन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने डॉ. अंसारी की सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए विभाग को निर्देशित किया कि झारखंड को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में पूरा सहयोग मिले। उन्होंने मेडिको सिटी के लिए आर्थिक सहयोग और रांची में एम्स की घोषणा करते हुए भरोसा दिया कि जल्द ही इस दिशा में कार्य होगा।
यह बैठक झारखंड के स्वास्थ्य भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक मोड़ थी। डॉ. इरफान अंसारी ने यह साबित कर दिया कि अगर नीयत साफ हो और नज़रें दूर तक देख सकें, तो कम समय में भी बड़ी लकीर खींची जा सकती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने जो संकल्प लिया है, उसे साकार करने के लिए केंद्र और राज्य अब एक साथ खड़े हैं।
डॉ. अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाना मेरा संकल्प है और मैं इसे हर हाल में पूरा करूँगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह अफसोस की बात है कि ये काम पहले हो जाना चाहिए था, लेकिन अब वह खुद डॉक्टर होने के नाते स्वास्थ्य सेवा के हर पहलू को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझकर निर्णय ले रहे हैं और उसका सीधा लाभ झारखंड की जनता को मिल रहा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में राजनीति नहीं
डॉ. अंसारी ने कहा, “स्वास्थ्य क्षेत्र में राजनीति नहीं होनी चाहिए। ये जनता की ज़िंदगी का सवाल है।” इस पर केंद्रीय मंत्री ने समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि यह विरोध अनुचित है और उन्हें जानकारी दी जाए कि कौन लोग इसमें बाधा पहुँचा रहे हैं।
भविष्य की योजनाएं
डॉ. अंसारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली बैठकों की सीमाओं का उल्लेख करते हुए आग्रह किया कि सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों को समय-समय पर दिल्ली बुलाया जाए ताकि संवाद में स्पष्टता आए। इस पर केंद्रीय मंत्री ने हामी भरी और कहा कि भविष्य में इस पर अमल किया जाएगा।