Jharkhand News: झारखंड की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कमर कस ली है. आगामी 29 अप्रैल को दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री आवास पर खनन और भूतत्व विभाग की एक बेहद अहम समीक्षा बैठक होने जा रही है. सचिवालय ने इसके लिए आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. इस बैठक में राज्य के खजाने को भरने और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए कई बड़े नीतिगत फैसलों पर मुहर लग सकती है.
बंद खदानों को चालू कर रोजगार देने पर जोर
इस पूरी बैठक का मुख्य केंद्र वैसी खदानें होंगी जो लंबे समय से बंद पड़ी हैं या जिनकी लीज खत्म हो चुकी है. मुख्यमंत्री का स्पष्ट मानना है कि नियमों के दायरे में रहकर इन खदानों का रिन्यूअल जल्द से जल्द किया जाए. सरकार का मकसद साफ है, रुकी हुई खदानें अगर फिर से शुरू होती हैं, तो न केवल राज्य को राजस्व मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए हजारों की संख्या में रोजगार के नए मौके भी खुलेंगे.
नई नीलामी और विकास की रूपरेखा
बैठक में सिर्फ पुरानी खदानों पर ही नहीं, बल्कि नए खनन क्षेत्रों की नीलामी पर भी गंभीर चर्चा होगी. हेमंत सोरेन खुद इस बात का जायजा लेंगे कि वर्तमान में चल रही खदानें कैसा प्रदर्शन कर रही हैं और भविष्य की क्या योजनाएं हैं. सरकार चाहती है कि खनन की प्रक्रिया में तेजी आए ताकि उद्योगों को कच्चे माल की कमी न हो और विकास का पहिया तेजी से घूमे.
अधिकारियों को फुल होमवर्क के साथ बुलाया
समीक्षा बैठक की गंभीरता को देखते हुए विभाग के सभी बड़े अधिकारियों को अपनी अपडेटेड रिपोर्ट के साथ हाजिर रहने को कहा गया है. मुख्यमंत्री हर पहलू की बारीकी से जांच करेंगे, इसलिए अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ आने के निर्देश दिए गए हैं.