West Bengal: पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के जगतदल इलाके में रविवार देर रात राजनीतिक तनाव उस वक्त हिंसा में बदल गया, जब तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई। जानकारी के अनुसार, रात करीब 11 बजे दोनों दलों के उम्मीदवारों के समर्थक आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मामला बढ़कर हिंसक रूप ले बैठा। इस दौरान इलाके में बम धमाके की भी सूचना मिली, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और माहौल पूरी तरह से अशांत हो गया।
पुलिस स्टेशन के बाहर बढ़ा विवाद, कई लोग घायल
घटना उस समय और भड़क गई जब नोआपारा से भाजपा उम्मीदवार और बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद Arjun Singh एफआईआर दर्ज कराने के लिए जगतदल थाना पहुंचे। उसी समय थाना परिसर के बाहर 200 से अधिक तृणमूल कांग्रेस समर्थक भी मौजूद थे। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की और फिर हिंसक झड़प में बदल गई। इस दौरान कई लोग घायल हो गए, वहीं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) का एक जवान भी इस हिंसा की चपेट में आ गया।
हथियारों का इस्तेमाल, सुरक्षा बलों ने संभाली स्थिति
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, झड़प के दौरान कुछ लोगों द्वारा बंदूक और देसी बमों का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे हालात और गंभीर हो गए। स्थिति को काबू में करने के लिए तुरंत सीएपीएफ और बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद हालात पर नियंत्रण पाया गया। इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कौशिक दास, सिकंदर प्रसाद, गोपाल राउत और श्यामदेव शॉ शामिल हैं, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
चुनाव आयोग सख्त, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश
घटना को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस झड़प में शामिल सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। साथ ही आयोग ने राज्य पुलिस और सीएपीएफ को इलाके में लगातार गश्त करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि आगे किसी प्रकार की हिंसा न हो सके।
दूसरे चरण के मतदान से पहले बढ़ी सतर्कता
बता दें कि उत्तरी 24 परगना समेत राज्य के छह जिलों की 142 विधानसभा सीटों पर दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। ऐसे में इस तरह की घटनाओं को देखते हुए चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को पहले चरण की तुलना में और अधिक मजबूत करने का फैसला लिया है, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।