Ranchi News : झारखंड वित्त विभाग ने संविदा पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को वित्तीय कार्यों से दूर रखने का निर्देश जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संविदाकर्मी वित्तीय स्वीकृति, भुगतान प्रक्रिया और संवेदनशील लेखा कार्यों में प्रत्यक्ष भूमिका नहीं निभाएंगे।निर्देश के बाद विभागीय हलकों में हलचल तेज हो गई है। आदेश का मकसद वित्तीय अनुशासन, जवाबदेही और प्रक्रियागत पारदर्शिता सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
वित्तीय अनियमितता रोकने पर जोर, जिम्मेदारी नियमित कर्मियों को
विभागीय आदेश में कहा गया है कि संविदा आधारित कंप्यूटर ऑपरेटरों को केवल तकनीकी और डेटा एंट्री जैसे कार्यों तक सीमित रखा जाए, जबकि वित्तीय निर्णय, बिल प्रोसेसिंग और कोषागार से जुड़े कार्य नियमित अधिकृत कर्मियों द्वारा किए जाएं।
बताया जा रहा है कि यह कदम वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका को कम करने और प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विभागीय सख्ती से बढ़ी चर्चा, अनुपालन पर नजर
आदेश के बाद विभिन्न विभागों और कार्यालयों में इसके अनुपालन को लेकर चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि सरकार अब वित्तीय कार्यों में संविदा कर्मियों की भूमिका को लेकर सख्त निगरानी रखेगी।
विभाग ने संकेत दिए हैं कि निर्देशों के उल्लंघन पर जवाबदेही तय की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।