Koderma: सतगावां थाना क्षेत्र के माधोपुर पंचायत स्थित असराइन डैम में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां 35 वर्षीय सरिता देवी की डूबने से मौत हो गई। मृतका की पहचान लेम्बो गांव निवासी सरिता देवी के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, वह अपनी दो बेटियों के साथ डैम पर कपड़ा धोने गई थीं। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वह संतुलन खोकर गहरे पानी की ओर खिंचती चली गईं। देखते ही देखते स्थिति गंभीर हो गई और वह पानी के तेज बहाव और गहराई में फंसती चली गईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बेटियों को बचाया, लेकिन खुद नहीं बच सकीं
मां को डूबते देख दोनों बेटियों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई और बहाव उनके प्रयासों पर भारी पड़ गया। बेटियों के अनुसार, सरिता देवी ने स्थिति को समझते हुए यह महसूस कर लिया था कि अगर बेटियां उन्हें बचाने की कोशिश करती रहीं, तो उनकी जान भी खतरे में पड़ सकती है। ऐसे में उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए अपनी पूरी ताकत लगाकर दोनों बच्चियों को किनारे की ओर धकेल दिया, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि, इस प्रयास में सरिता देवी खुद गहरे पानी में समा गईं और उन्हें बचाया नहीं जा सका।
ग्रामीणों ने निकाला शव, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घटना के बाद सहमी हुई बच्चियों ने रोते-बिलखते गांव में इसकी सूचना दी, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद सरिता देवी के शव को पानी से बाहर निकाला। सूचना मिलने पर सतगावां थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल कोडरमा भेज दिया। ग्रामीणों के अनुसार, सरिता देवी का मायका बजानियां और ससुराल धर्मपुर में है, जबकि वह वर्तमान में लेम्बो में आवास योजना के तहत बने अपने घर में रह रही थीं। उनके निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि वह अपने पीछे पांच बेटियां और एक बेटा छोड़ गई हैं। मां के साए के अचानक उठ जाने से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।