Jharkhand News: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब झारखंड के घरों में दिखने लगा है. फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) कंपनियों ने कच्चे माल की कमी का हवाला देते हुए साबुन, सर्फ, तेल और टूथपेस्ट जैसी जरूरी चीजों की कीमतों में 1 रुपये से लेकर 26 रुपये तक का इजाफा कर दिया है. खासतौर पर हॉर्लिक्स जैसे हेल्थ ड्रिंक्स और कपड़े धोने के साबुन अब पहले से ज्यादा महंगे दामों पर बिक रहे हैं.
डीजल और कच्चे तेल ने बढ़ाई परिवहन लागत
महंगाई की इस आग में घी डालने का काम इंडस्ट्रियल डीजल और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने किया है. डीजल महंगा होने की वजह से फैक्ट्रियों में उत्पादन की लागत बढ़ गई है और ट्रकों का भाड़ा भी महंगा हो गया है. कंपनियों का कहना है कि परिवहन का यह अतिरिक्त खर्च संतुलित करने के लिए उन्हें उत्पादों की एमआरपी (MRP) बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है.
पैकेजिंग और रॉ मैटेरियल का बढ़ता संकट
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण प्लास्टिक और पैकेजिंग मटेरियल तैयार करना भी अब महंगा सौदा साबित हो रहा है. झारखंड कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के मुताबिक, रॉ मैटेरियल के दाम लगातार बढ़ने से सहायक इकाइयों पर बुरा असर पड़ा है. स्थिति यह है कि छोटी से छोटी चीज जैसे बैटरी और इनो के पैकेट पर भी 1 रुपये प्रति पीस की बढ़ोतरी कर दी गई है.
हज यात्रियों पर भी पड़ा आर्थिक बोझ
आम उपभोक्ता वस्तुओं के साथ-साथ अब धार्मिक यात्राएं भी महंगी हो गई हैं. केंद्रीय हज कमेटी ने विमान किराए में अचानक 10,000 रुपये की बढ़ोतरी करने का फरमान जारी कर दिया है. झारखंड से जाने वाले हज यात्रियों को अब 15 मई तक यह बढ़ी हुई राशि जमा करनी होगी, वरना उनकी यात्रा में रुकावट आ सकती है.