Jamshedpur News: जमशेदपुर में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और जल प्रदूषण अब जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. स्वर्णरेखा नदी और धतकीडीह तालाब के बाद अब जुबिली पार्क स्थित जयंती सरोवर में हजारों मछलियां मरकर पानी की सतह पर उतरा रही हैं. इस घटना के बाद समूचे पार्क क्षेत्र में भयंकर दुर्गंध फैल गई है, जिससे सुबह की सैर पर आने वाले नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
संक्रमण फैलने का बढ़ा डर और सफाई की मांग
सरोवर के किनारे पड़ी मृत मछलियों को कौवे और अन्य पक्षी नोच रहे हैं, जिससे आसपास के वातावरण में संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है. स्थानीय लोगों और मॉर्निंग वॉकर्स ने पार्क प्रबंधन से इस स्थिति पर संज्ञान लेने और तत्काल सफाई अभियान चलाने की मांग की है. प्रशासन और जानकारों ने लोगों को इन मृत मछलियों का सेवन न करने की भी सख्त चेतावनी दी है.
वैज्ञानिक कारण: क्यों घुट रहा है मछलियों का दम
पर्यावरणविदों के अनुसार, मछलियों की मौत का मुख्य कारण पानी में ऑक्सीजन के स्तर का गिरना और बढ़ता तापमान है. विशेषज्ञ गौरव आनंद के मुताबिक, मछलियों के जीवित रहने के लिए पानी में घुलित ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen) का स्तर कम से कम 4 PPM होना चाहिए. चूंकि शहर का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, इसलिए गर्म पानी में ऑक्सीजन धारण करने की क्षमता कम हो गई है, जिससे मछलियों का दम घुटने लगा है.
अमोनिया और शैवाल ने पानी को बनाया जहरीला
ऑक्सीजन की कमी के अलावा कुछ जैविक कारण भी इस संकट के लिए जिम्मेदार हैं. रुके हुए पानी में शैवाल (Algae) और जलकुंभी की अत्यधिक वृद्धि तेजी से ऑक्सीजन सोख लेती है. इसके साथ ही, तालाब की तली में जमा गाद से निकलने वाली अमोनिया गैस ने पानी को जहरीला बना दिया है, जो जलीय जीवों के लिए काल साबित हो रही है.