Jamshedpur News : पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो पेयजल परियोजना की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ₹125 करोड़ से अधिक की लागत से बनी यह महत्वाकांक्षी योजना कुप्रबंधन के कारण धीरे-धीरे बंद होने की कगार पर पहुंच रही है।
₹125 करोड़ की परियोजना पर संकट, मरम्मत नहीं हुई तो पूरी व्यवस्था हो सकती है ठप
सरयू राय ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले उन्होंने इस परियोजना की विस्तृत समीक्षा की थी। इस दौरान मानगो नगर निगम और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के साथ कई बैठकें हुईं और सुधार के लिए कई फैसले लिए गए। हालांकि, परियोजना के हस्तांतरण और नगर निगम चुनाव के चलते काम धीमा पड़ गया।
उन्होंने कहा कि इंटेकवेल में भारी मात्रा में बालू और मिट्टी जमा होने से पानी खींचने की क्षमता कम हो गई है। आंशिक सफाई के बावजूद अब भी 5–6 फीट तक गाद जमा है, जिससे स्थिति गंभीर बनी हुई है।
इंडस्ट्रियल क्लीनिंग के बिना समाधान नहीं, पाइपलाइन में भी भरी गाद
विधायक के अनुसार, नदी से इंटेकवेल तक पानी लाने वाली पाइपलाइन में भी बालू और मिट्टी भरी हुई है। यदि जल्द सफाई नहीं हुई तो किसी भी दिन जलापूर्ति ठप हो सकती है। उन्होंने कहा कि सामान्य उपायों से यह सफाई संभव नहीं है और इसके लिए इंडस्ट्रियल पाइप क्लीनिंग एजेंसी की मदद जरूरी है। इस संबंध में पहले प्राक्कलन भी तैयार किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जुगाड़ तकनीक से नहीं चलेगी योजना, स्वर्णरेखा में पानी छोड़ने पर भी उठाए सवाल
सरयू राय ने चांडिल डैम से स्वर्णरेखा नदी में पानी छोड़ने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाया। उन्होंने इसे “जुगाड़ तकनीक” बताते हुए कहा कि इससे स्थायी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली पर तंज कसते हुए कहा कि परियोजना की हालत ऐसी हो गई है कि “एक अंधा ही दूसरे अंधे को राह दिखा रहा है”, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।