Jharkhand: झारखंड में जनगणना-2027 के पहले चरण की औपचारिक शुरुआत एक मई से कर दी गई है। राजधानी रांची स्थित लोक भवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए खुद अपनी जानकारी दर्ज की और इस राष्ट्रीय अभियान में भागीदारी निभाई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य या देश के विकास की ठोस योजना तैयार करने के लिए सही और सटीक आंकड़ों का होना बेहद जरूरी है। जनगणना से मिलने वाले आंकड़े सरकार को नीतियां बनाने, योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने और संसाधनों के उचित वितरण में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया के जरिए जनसंख्या, परिवार की संरचना, आवास की स्थिति और सामाजिक-आर्थिक पहलुओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्रित की जाती हैं।
पहले चरण में मकान सूचीकरण पर रहेगा फोकस
जनगणना-2027 के पहले चरण में मकानों की गणना और सूचीकरण का कार्य किया जाएगा, जिसके तहत करीब 33 प्रकार की सूचनाएं एकत्र की जाएंगी। यह चरण आगे होने वाली विस्तृत जनगणना के लिए आधार तैयार करेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ सके। राज्यपाल ने राज्य के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य में सक्रिय रूप से भाग लें और प्रगणकों को सही और पूरी जानकारी दें, ताकि भविष्य में बनने वाली योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी साबित हो सकें।
कार्यक्रम में कई अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, नगर आयुक्त सुशांत गौरव और झारखंड के निदेशक-सह-मुख्य प्रधान जनगणना पदाधिकारी प्रभात कुमार सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए समन्वय और सहयोग पर जोर दिया, ताकि जनगणना का कार्य सुचारु रूप से पूरा किया जा सके।