Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड के कदमडीह गांव में श्मशान घाट की जमीन पर प्रस्तावित उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जैसे ही ग्रामीणों को निर्माण कार्य की जानकारी मिली, वे मौके पर पहुंचे और काम रुकवा दिया। उनका कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के इस तरह का निर्माण शुरू किया जाना पूरी तरह गलत है। विरोध बढ़ने के बाद प्रशासन ने फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है।
पीढ़ियों से जुड़ा है श्मशान घाट, भावनाओं से जुड़ा मामला
ग्रामीणों का कहना है कि यह श्मशान घाट वर्षों पुराना है और उनके पूर्वजों के समय से यहां अंतिम संस्कार होते आ रहे हैं। चार पीढ़ियों से यह स्थान गांव के लिए आस्था और परंपरा का केंद्र रहा है। ऐसे पवित्र स्थल पर किसी अन्य निर्माण को वे किसी भी हालत में स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि स्वास्थ्य केंद्र बनाना है तो इसके लिए किसी अन्य सरकारी जमीन का चयन किया जाए।
ग्रामसभा में नहीं हुई चर्चा, जानकारी मिलने पर बढ़ा आक्रोश
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस योजना की जानकारी पहले किसी को नहीं दी गई और न ही ग्रामसभा में इस विषय पर कोई चर्चा की गई। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद ही लोगों को इसकी जानकारी मिली, जिससे नाराजगी और बढ़ गई। उनका कहना है कि गांव से जुड़े इतने महत्वपूर्ण फैसले में स्थानीय लोगों को विश्वास में लेना जरूरी था, जो नहीं किया गया।
अधिकारियों से शिकायत के बाद निर्माण पर लगी रोक
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने अनुमंडल पदाधिकारी और अंचल अधिकारी से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद अंचल अधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए निर्माण कार्य को रोकने का निर्देश दिया। इसके बाद मौके पर चल रहा काम बंद कर दिया गया है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
मुखिया का समर्थन, समाधान पर टिकी सबकी नजर
चांडिल पंचायत के मुखिया मनोहर ने भी ग्रामीणों के विरोध का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि श्मशान घाट की जमीन पर स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण उचित नहीं है और इसके लिए वैकल्पिक स्थान खोजा जाना चाहिए। वहीं अंचल अधिकारी का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र जीएम लैंड पर प्रस्तावित है, लेकिन फिलहाल काम रोक दिया गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद का समाधान किस तरह निकालता है, क्योंकि ग्रामीण अपने रुख पर अडिग हैं।