Ranchi News : टेंडर कमीशन घोटाले से जुड़े चर्चित मामले में आरोपी नीरज मित्तल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। सुनवाई के दौरान अदालत में जांच एजेंसियों और बचाव पक्ष के बीच विस्तृत बहस हुई। जांच एजेंसियों ने अदालत को बताया कि टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई और कमीशनखोरी के जरिए सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार किया गया। वहीं, बचाव पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को गलत तरीके से फंसाया गया है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से कमजोर हैं।
टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता और कमीशनखोरी के आरोपों पर घिरी याचिका, अंतिम आदेश का इंतजार
सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को गंभीरता से सुना और मामले से जुड़े दस्तावेजों का अवलोकन किया। यह मामला राज्य में कथित तौर पर टेंडर आवंटन में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है, जिसकी जांच एजेंसियां पहले से ही पड़ताल कर रही हैं। इस पूरे प्रकरण ने प्रशासनिक व्यवस्था और टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।
सभी पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में अदालत के अंतिम आदेश का इंतजार किया जा रहा है, जो आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा तय करेगा।