Seraikela: सरायकेला के रापचा पंचायत अंतर्गत बांकीपुर गांव में स्थित अमलगम कंपनी पर फैलते प्रदूषण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा खुद गांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि कंपनी के पीछे बसे गांवों में धूल, धुआं और अपशिष्ट का असर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है, जिससे लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर, बढ़ रही बीमारियां
ग्रामीणों ने बताया कि कंपनी से निकलने वाले प्रदूषण के कारण इलाके में सांस से जुड़ी बीमारियां, त्वचा रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लगातार फैल रही गंदगी और प्रदूषित वातावरण ने लोगों की चिंता और परेशानी दोनों को बढ़ा दिया है। लोगों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि खुले में सांस लेना भी मुश्किल महसूस हो रहा है।
रोजगार का सपना बना परेशानी का कारण
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जब कंपनी की स्थापना हुई थी, तब रोजगार मिलने की उम्मीद में उन्होंने अपनी जमीन दी थी। लेकिन अब वही कंपनी उनके लिए संकट का कारण बन गई है। रोजगार की आस में लिया गया फैसला आज उनके स्वास्थ्य और जीवन पर भारी पड़ रहा है।
एनजीटी को पत्र, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
स्थिति को गंभीर मानते हुए जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) को पत्र लिखकर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, एक माह बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
आंदोलन की चेतावनी, प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग
सोनाराम बोदरा ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो कांड्रा पंचायत में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य और पर्यावरण से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों ने भी प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए प्रदूषण पर रोक लगाने और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।