Digital Census 2026: जनगणना को लेकर झारखंड सरकार ने आम नागरिकों से एक महत्वपूर्ण अपील की है कि वे स्वगणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें. इस डिजिटल पहल के माध्यम से लोग अपने घर बैठे ही परिवार, मकान और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह ऑनलाइन सुविधा 15 मई तक उपलब्ध रहेगी, जिससे जनगणना प्रक्रिया को अधिक सुगम और त्रुटिहीन बनाया जा सके.
इन 34 प्रमुख जानकारियों की होगी आवश्यकता
स्वगणना की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए नागरिकों को कुल 34 तरह की जानकारियां अपने पास तैयार रखनी होंगी. इसमें मुख्य रूप से भवन संख्या, मकान की स्थिति, परिवार के मुखिया का विवरण, जाति, कमरों की संख्या, पेयजल के स्रोत, बिजली, शौचालय और रसोई की सुविधा जैसी सूचनाएं शामिल हैं. इसके अतिरिक्त इंटरनेट की उपलब्धता, वाहनों का विवरण, बैंकिंग सेवाओं का उपयोग और आधार नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी फॉर्म में भरनी होंगी.
राजधानी रांची में जनप्रतिनिधियों ने की शुरुआत
झारखंड की राजधानी रांची में स्वगणना की प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू हो चुकी है. इस अभियान को गति देने के लिए विभिन्न अधिकारी और जनप्रतिनिधि स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जनगणना कर रहे हैं और समाज के अन्य वर्गों को भी इस आधुनिक सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं. इस डिजिटल माध्यम से जुड़ने पर डेटा संग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और समय की भी काफी बचत होगी.
ऑनलाइन पंजीकरण और रेफरेंस नंबर की प्रक्रिया
स्वगणना के लिए नागरिकों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट (https://se.census.gov.in) पर जाना होगा, जहां मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से पंजीकरण किया जा सकता है. मांगी गई सभी 34 जानकारियां भरने और फॉर्म सबमिट करने के बाद सिस्टम द्वारा एक रेफरेंस नंबर जारी किया जाएगा. जब भी जनगणना कर्मी घर पहुंचेंगे, तो उन्हें केवल यह नंबर दिखाना होगा, जिससे पुराना भरा हुआ डेटा तुरंत सत्यापित हो जाएगा और दोबारा लंबी पूछताछ से बचा जा सकेगा.