Tamil Nadu: तमिलनाडु की राजनीति में इस बार जो नतीजे सामने आए हैं, उन्होंने लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक ढांचे को पूरी तरह हिला कर रख दिया है। जहां दशकों तक सत्ता की लड़ाई डीएमके और एआईएडीएमके के इर्द-गिर्द घूमती रही, वहीं अब फिल्म जगत से राजनीति में आए सुपरस्टार थलापति विजय ने इस परंपरा को चुनौती दे दी है। अपनी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के साथ उन्होंने पहली ही कोशिश में ऐसा प्रभाव छोड़ा कि पारंपरिक दलों को अप्रत्याशित झटका लगा। चुनावी मैदान में उनकी एंट्री ने न सिर्फ माहौल बदला, बल्कि यह भी संकेत दे दिया कि राज्य की राजनीति अब एक नए मोड़ पर खड़ी है।
साधारण पृष्ठभूमि से आए उम्मीदवार ने रचा बड़ा उलटफेर
इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की हो रही है, वह है आर सबरिनाथन, जो विजय के ड्राइवर के बेटे हैं। उन्होंने विरुगम्बक्कम सीट से चुनाव लड़ते हुए मौजूदा विधायक एएमवी प्रभाकर राजा को भारी अंतर से पराजित किया। 27 हजार से अधिक वोटों की इस जीत ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। सबरिनाथन की जीत को सिर्फ एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि बदलती राजनीति का प्रतीक माना जा रहा है। उनके पिता राजेंद्रन लंबे समय से विजय के साथ जुड़े रहे हैं और उम्मीदवार घोषित करते समय खुद विजय ने उन्हें टिकट सौंपा था। उस वक्त भावुक हुए सबरिनाथन ने जीत का जो संकल्प लिया था, वह अब वास्तविकता में बदल गया है।
TVK का प्रदर्शन चौंकाने वाला, सरकार गठन की संभावनाएं मजबूत
तमिलगा वेट्री कझगम ने इस चुनाव में 234 सीटों में से 100 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया है। भले ही पार्टी अभी बहुमत के आंकड़े से कुछ दूर है, लेकिन अन्य दलों के समर्थन की संभावनाओं ने उसकी स्थिति को काफी मजबूत बना दिया है। पार्टी के भीतर यह विश्वास साफ नजर आ रहा है कि विजय के नेतृत्व में सरकार बनना लगभग तय है। जनता द्वारा मिले इस समर्थन को उनके विजन और नई राजनीति की स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है।
दिग्गज नेताओं को झटका, खुद विजय की बड़ी जीत
इस चुनाव में थलापति विजय ने भी पेरंबूर सीट से शानदार जीत हासिल की है और 53 हजार से अधिक वोटों के अंतर से अपनी ताकत का एहसास कराया है। वहीं दूसरी ओर डीएमके को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी ही सीट कोलाथुर से हार गए, जहां उन्हें TVK के उम्मीदवार वीएस बाबू ने हराया। इसके अलावा कांग्रेस भी इस बार काफी सीमित सीटों तक सिमट गई है। बदलते हालात के बीच कांग्रेस द्वारा TVK के साथ सहयोग की इच्छा जताना और राहुल गांधी का विजय को बधाई देना, नए राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा करता है।
एमजीआर के बाद एक और बड़ा बदलाव, नई दिशा की शुरुआत
तमिलनाडु की राजनीति में इससे पहले भी ऐसा बड़ा बदलाव देखा गया था, जब सुपरस्टार एमजीआर ने राजनीति में कदम रखकर सत्ता हासिल की थी। अब उसी तरह का परिवर्तन थलापति विजय के रूप में सामने आया है, जिन्होंने अपने पहले ही प्रयास में पारंपरिक राजनीति को चुनौती दी है। यह चुनाव परिणाम केवल जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि राज्य की जनता अब नए विकल्पों को अपनाने के लिए तैयार है और भविष्य की राजनीति एक नई दिशा की ओर बढ़ रही है।