Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिले में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान स्वयं सहायता समूह (SHG) और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जुड़े लाभुकों को ऋण स्वीकृति पत्र और चेक वितरित किए गए। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (PDJ), एलडीएम सरायकेला और जिला न्यायाधीश मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कई लाभुकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, ताकि वे अपने व्यवसाय, आजीविका और कृषि कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकें।
वित्तीय समावेशन को मजबूत करने पर जोर
अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना और जरूरतमंद लोगों तक समय पर बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाना है। स्वयं सहायता समूहों को छोटे स्तर के व्यवसाय और स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ाने के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया, जबकि किसान क्रेडिट कार्ड लाभुकों को खेती-किसानी से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए सहायता दी गई। इससे किसानों को फसल सीजन के दौरान आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लोक अदालत सिर्फ विवाद निपटान तक सीमित नहीं
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत केवल विवादों के समाधान का मंच नहीं है, बल्कि यह सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने का भी प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। इस तरह के आयोजनों से पात्र लाभुकों को सीधे लाभ मिलता है और योजनाओं का क्रियान्वयन भी तेजी से हो पाता है। अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और किसानों को समय पर सहायता देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
लाभुकों ने जताया आभार
स्वीकृति पत्र और चेक मिलने के बाद लाभुकों ने खुशी जाहिर की और प्रशासन व बैंकिंग व्यवस्था का आभार व्यक्त किया। लाभार्थियों का कहना था कि इस आर्थिक सहयोग से उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी और वे अपने कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकेंगे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भी इस पहल को ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।