Jharkhand News : झारखंड हाईकोर्ट में महिला सुपरवाइजर नियुक्ति मामले को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को आवेदकों की नियुक्ति पर जल्द निर्णय लेने का निर्देश दिया है। मामला महिला सुपरवाइजर पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया और पात्रता विवाद से जुड़ा हुआ है, जिस पर लंबे समय से सुनवाई चल रही है।
नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
अदालत में दायर याचिका में अभ्यर्थियों ने नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता और शैक्षणिक योग्यता को लेकर आपत्ति जताई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि कई योग्य अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया, जबकि नियमावली में इस संबंध में स्पष्ट प्रावधान नहीं थे। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से जवाब भी मांगा।
421 पदों की भर्ती को लेकर विवाद, कोर्ट ने पारदर्शिता पर दिया जोर
यह मामला बाल कल्याण विभाग में महिला सुपरवाइजर के 421 पदों पर नियुक्ति से जुड़ा हुआ है। भर्ती प्रक्रिया को लेकर पहले भी हाईकोर्ट नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगा चुका है। अदालत में यह मुद्दा भी उठा कि केवल महिलाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया निर्धारित करना और कुछ अभ्यर्थियों को शैक्षणिक आधार पर बाहर करना विवाद का कारण बना।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि यह पद महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ा है, इसलिए महिला कैडर के तहत नियुक्ति की गई है। वहीं अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के स्पष्ट पालन की आवश्यकता पर जोर दिया। मामले में अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट विस्तृत निर्णय दे सकता है।