Jharkhand News: कोडरमा जिला मुख्यालय के विभिन्न कार्यालयों में लंबे समय से एक ही पद पर जमे कर्मियों के स्थानांतरण की तैयारी तेज हो गई है. मुख्य सचिव के निर्देश के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ गई है. विशेष रूप से संवेदनशील पदों पर तीन वर्षों से अधिक समय से कार्यरत कर्मियों की पहचान की जा रही है. माना जा रहा है कि अगले सप्ताह बड़े पैमाने पर तबादला आदेश जारी हो सकता है. यह कदम राज्य के विभिन्न जिलों में कोषागार के माध्यम से सामने आए अवैध निकासी और वेतन घोटाले के मामलों को देखते हुए उठाया गया है.
30 मई तक स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करने का अल्टीमेटम
सरकार ने वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए डीडीओ (DDO), लेखा, कोषागार और वेतन प्रसंस्करण से जुड़े कर्मियों का अनिवार्य स्थानांतरण करने का आदेश दिया है. मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि एक ही कार्यालय में दीर्घकालीन पदस्थापन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके लिए 30 मई तक की समय सीमा निर्धारित की गई है. कोडरमा में स्थिति यह है कि कई कर्मी पांच वर्षों से अधिक समय से एक ही जगह डटे हैं, और कुछ तो स्थानांतरण के बावजूद प्रतिनियुक्ति के जरिए पुराने पदों पर ही बने हुए हैं.
कंप्यूटर ऑपरेटरों को वित्तीय कार्यों से रखने का आदेश
वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए संविदा और एकमुश्त मानदेय पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को वित्तीय कार्यों से दूर रखने का निर्देश दिया है. अब ऐसे संवेदनशील कार्य केवल नियमित सरकारी कर्मचारी ही संभालेंगे. इस संबंध में कोडरमा में मंगलवार को जिला स्थापना समिति की बैठक बुलाई गई है, जिसमें स्थानांतरण की सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी प्रकार की वित्तीय हेराफेरी की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म किया जाए.
वेतन घोटाले रोकने के लिए एआई (AI) और डेटा एनालिटिक्स का सहारा
भविष्य में वेतन भुगतान में अनियमितताओं की पहचान के लिए सरकार अब आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी. इसके तहत AI आधारित डेटा एनालिटिक्स प्रणाली लागू करने का आदेश दिया गया है. साथ ही, रिस्क बेस्ड सैंपलिंग के जरिए संदिग्ध मामलों की जांच की जाएगी और पिछले पांच वर्षों में असामान्य बजट मांगों की गहन समीक्षा होगी. इन तकनीकी उपायों और प्रशासनिक फेरबदल के जरिए सरकार राज्य की वित्तीय प्रणाली में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की योजना बना रही है.