Jharkhand: झारखंड के पर्यटन स्थलों की सैर करने आने वाले सैलानियों और होटलों में ठहरने वाले यात्रियों के लिए अब अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी होगी। राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में स्थित होटल, लॉज और गेस्ट हाउस में ठहरने पर "टूरिज्म टैक्स" (पर्यटक कर) लागू करने का आधिकारिक निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम का उद्देश्य पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करना है, लेकिन इससे आम यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना तय है।
नगर निकायों के अंतर्गत आने वाले होटलों पर लगेगा कर
राज्य सरकार द्वारा जारी "झारखंड नगर पर्यटक कर नियमावली" के अनुसार, यह नया कर केवल नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में स्थित ठहरने वाले संस्थानों पर प्रभावी होगा। अब से इन क्षेत्रों के होटलों में रुकने वाले पर्यटकों के अंतिम बिल में "टूरिज्म टैक्स" की एक अलग राशि जुड़कर आएगी, जिसे होटल संचालकों को वसूलना अनिवार्य होगा।
होटल की श्रेणी के आधार पर होगा टैक्स का निर्धारण
टैक्स की दरें सभी होटलों के लिए एक समान नहीं होंगी। इसे होटल की श्रेणी (स्टार रेटिंग या सुविधाओं के आधार पर) के अनुसार तय किया जाएगा। यानी लग्जरी होटलों में ठहरने वालों को अधिक कर देना होगा, जबकि साधारण लॉज और गेस्ट हाउस में यह दर कम होगी। सरकार के निर्देशानुसार, होटल मालिकों को हर तीन महीने (त्रैमासिक) में वसूल की गई कुल राशि संबंधित नगर निकाय के बैंक खाते में जमा करानी होगी।
विकास का दावा बनाम महंगाई की चिंता
राज्य सरकार का तर्क है कि इस नए कर से प्राप्त होने वाली राशि का सीधा उपयोग पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विकास में किया जाएगा। इससे नगर निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सकेगा।
दूसरी ओर, इस फैसले का विरोध भी शुरू हो गया है। आम लोगों और पर्यटक संगठनों का मानना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे यात्रियों के लिए यह एक अतिरिक्त बोझ है। होटल व्यवसायी भी इस निर्णय से चिंतित हैं, उनका मानना है कि टैक्स बढ़ने से झारखंड आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आ सकती है, जिसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ेगा।
भविष्य की चुनौती
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस टैक्स से प्राप्त धन का उपयोग वास्तव में पर्यटन स्थलों को सुधारने में कितनी पारदर्शिता के साथ करती है। क्या यह नया "टूरिज्म टैक्स" राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा या फिर पर्यटकों को झारखंड से दूर करेगा, यह आने वाला समय ही बताएगा।