Ranchi News: रांची के प्रतिष्ठित रिम्स (RIMS) संस्थान की लगभग 7 एकड़ अधिग्रहित जमीन के फर्जीवाड़े में शामिल दो आरोपियों, राजकिशोर बड़ाइक और कार्तिक बड़ाइक ने रांची एसीबी (ACB) कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इन दोनों आरोपियों ने कोर्ट से जमानत की गुहार लगाई है. गौरतलब है कि हाई कोर्ट के कड़े निर्देश के बाद एसीबी ने पिछले महीने इस घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राजकिशोर और कार्तिक समेत चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था.
बुधवार को होगी जमानत याचिका पर सुनवाई
एसीबी की विशेष अदालत में राजकिशोर और कार्तिक बड़ाइक की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई होनी तय है. इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कांड संख्या 1/2026 दर्ज की है. जांच एजेंसी कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखेगी और आरोपियों की संलिप्तता से जुड़े साक्ष्यों को प्रस्तुत करेगी. इस सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह करोड़ों की सरकारी जमीन की हेराफेरी से जुड़ा एक बड़ा मामला है.
फर्जी वंशावली बनाकर बेची गई सरकारी जमीन
अब तक की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि भू-माफियाओं ने 1964-65 में रिम्स के लिए अधिग्रहित की गई जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपनी निजी संपत्ति बताया था. आरोपियों ने एक फर्जी वंशावली तैयार की और सरकारी जमीन को बिल्डरों को करीब 31 लाख रुपये में बेच दिया. इस जालसाजी में फर्जी वंशावली तैयार करने वाले कार्तिक बड़ाइक, राज किशोर बड़ाइक, चेतन कुमार और राजेश कुमार झा की मुख्य भूमिका पाई गई है.
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन के म्यूटेशन और रजिस्ट्री की अनुमति किन अधिकारियों ने दी थी. आने वाले दिनों में इस घोटाले में और भी बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं.