Rahul On NEET Exam: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 रद्द होने के बाद सियासत भी तेज हो गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक नाकामी नहीं बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ किया गया अपराध है. राहुल गांधी ने कहा कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों ने इस परीक्षा के लिए सालों मेहनत की, लेकिन बदले में उन्हें पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ा.
राहुल गांधी बोले, किसी पिता ने कर्ज लिया तो किसी मां ने गहने बेचे, बदले में मिला पेपर लीक और तनाव
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि किसी पिता ने बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लिया, किसी मां ने गहने बेचे और लाखों छात्र रात रात भर जागकर तैयारी करते रहे. उन्होंने आरोप लगाया कि 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को भ्रष्ट व्यवस्था ने कुचल दिया. राहुल गांधी ने कहा कि हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र ही सजा भुगतते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद अब लाखों छात्रों को दोबारा मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा.
अमृतकाल नहीं बल्कि युवाओं के लिए विषकाल बन गया है देश, राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अगर युवाओं की तकदीर मेहनत से नहीं बल्कि पैसे और पहुंच से तय होने लगे तो फिर शिक्षा का क्या मतलब रह जाएगा. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमृतकाल वाले बयान पर भी हमला बोला और कहा कि यह तथाकथित अमृतकाल देश के युवाओं के लिए विषकाल बन चुका है.
राहुल गांधी का यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और NEET परीक्षा को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है.
राहुल गांधी का दावा, परीक्षा से 42 घंटे पहले व्हाट्सएप पर बिक रहे थे सवाल
राहुल गांधी ने इससे पहले भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर NEET पेपर लीक मामले को लेकर सरकार को घेरा था. उन्होंने लिखा था कि NEET अब परीक्षा नहीं बल्कि नीलामी बन चुकी है. उनके मुताबिक परीक्षा से करीब 42 घंटे पहले ही सवाल व्हाट्सएप पर बेचे जा रहे थे. राहुल गांधी ने कहा कि लाखों छात्र पूरी ईमानदारी से मेहनत करते रहे, लेकिन एक रात में उनका भविष्य बाजार में नीलाम हो गया.
पिछले 10 साल में 89 पेपर लीक और 48 री एग्जाम, शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देश में 89 पेपर लीक के मामले सामने आए और 48 बार परीक्षाएं दोबारा करानी पड़ीं. उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार सरकार बड़े वादे करती है, लेकिन बाद में मामले ठंडे पड़ जाते हैं और कोई ठोस बदलाव नहीं दिखता.
NEET विवाद के बाद छात्रों और अभिभावकों में गुस्सा, अब CBI जांच और नई परीक्षा पर टिकी नजर
NEET परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. कई लोग इसे देश की शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल मान रहे हैं. छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने मेहनती युवाओं का भरोसा कमजोर कर दिया है. अब सभी की नजर CBI जांच और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है.