Sports News: एफआईएच हॉकी महिला नेशंस कप से पहले भारतीय महिला हॉकी टीम अब ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपनी तैयारियों को और मजबूत करने जा रही है. हॉकी इंडिया ने इस दौरे की आधिकारिक घोषणा कर दी है. टीम 21 मई से 3 जून तक ऑस्ट्रेलिया में रहेगी, जहां उसे मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ चार मुकाबले खेलने हैं. इसके बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड पहुंचेगी, जहां 15 से 21 जून तक एफआईएच हॉकी महिला नेशंस कप खेला जाएगा.
भारतीय टीम के लिए यह दौरा सिर्फ मैच खेलने तक सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि इसका मकसद खिलाड़ियों को वहां के मौसम, परिस्थितियों और तेज प्रतिस्पर्धा के मुताबिक तैयार करना भी है. टीम हाल के महीनों में लगातार विदेशी दौरों के जरिए अपने खेल को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है और अब इस कड़ी में ऑस्ट्रेलिया दौरा बेहद अहम माना जा रहा है.
पर्थ हॉकी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया से चार मुकाबलों में होगी बड़ी परीक्षा
भारतीय महिला हॉकी टीम 26 मई से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने मुकाबलों की शुरुआत करेगी. इसके बाद 27, 29 और 30 मई को भी दोनों टीमों के बीच मैच खेले जाएंगे. सभी मुकाबले पर्थ हॉकी स्टेडियम में आयोजित होंगे.
इन मुकाबलों को भारतीय टीम के लिए नेशंस कप से पहले सबसे बड़ी तैयारी माना जा रहा है. ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलने से खिलाड़ियों को अपनी रणनीति, फिटनेस और खेल की गति को बेहतर तरीके से परखने का मौका मिलेगा. साथ ही टीम मैनेजमेंट को भी खिलाड़ियों की कमियों और मजबूत पक्षों को समझने में मदद मिलेगी.
अर्जेंटीना दौरे के अच्छे प्रदर्शन के बाद अब ऑस्ट्रेलिया में तैयारी को मिलेगा नया स्तर
इस साल की शुरुआत में भारतीय महिला हॉकी टीम ने अर्जेंटीना दौरे पर भी अच्छा प्रदर्शन किया था. टीम ने चार मुकाबलों में दो जीत दर्ज कर अपनी क्षमता दिखाई थी. उस दौरे ने खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया और अब उसी लय को ऑस्ट्रेलिया में आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी. लगातार विदेशी टीमों के खिलाफ खेलने से भारतीय टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को बेहतर बनाने का मौका मिल रहा है. यही वजह है कि टीम प्रबंधन इस दौरे को बेहद अहम मान रहा है.
डच दिग्गज ताके ताकेमा के साथ खिलाड़ियों को मिलेगा खास ड्रैग फ्लिक प्रशिक्षण
इस दौरे के दौरान भारतीय टीम के ड्रैग फ्लिकर खिलाड़ियों को एक विशेष ट्रेनिंग क्लिनिक में हिस्सा लेने का मौका भी मिलेगा. यह कार्यक्रम 26 मई से 21 जून तक पर्थ और ऑकलैंड में आयोजित होगा. इसमें डच हॉकी के दिग्गज ताके ताकेमा खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण देंगे. इस पहल को कोका कोला इंडिया फाउंडेशन का समर्थन मिला है. टीम के ड्रैग फ्लिकर खिलाड़ियों के लिए यह बड़ा अवसर माना जा रहा है, क्योंकि आधुनिक हॉकी में ड्रैग फ्लिक मैच का रुख बदलने वाली सबसे अहम कला मानी जाती है.
मुख्य कोच बोले, छोटे हिस्सों में सफर बांटने से टीम को माहौल में ढलने में मिलेगी मदद
भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने इस दौरे को टीम के लिए बेहद जरूरी बताया है. उन्होंने कहा कि हॉकी इंडिया की वजह से यह दौरा संभव हो पाया है और इससे टीम को अपनी कमजोरियों को पहचानने के साथ साथ सुधार को समझने का भी मौका मिलेगा. उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड का मौसम काफी ठंडा होता है और ऐसे में टीम को वहां की परिस्थितियों में ढलने के लिए समय चाहिए. इसी वजह से लंबे सफर के बजाय तैयारी को अलग अलग हिस्सों में बांटा गया है ताकि खिलाड़ी धीरे धीरे वहां के माहौल के अनुसार खुद को ढाल सकें.
नेशंस कप से पहले भारतीय टीम के लिए सबसे अहम तैयारी साबित हो सकता है यह दौरा
भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरा सिर्फ एक सीरीज नहीं बल्कि नेशंस कप की बड़ी तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है. मजबूत विरोधियों के खिलाफ मुकाबले, विदेशी परिस्थितियों में अभ्यास और विशेषज्ञों से ट्रेनिंग टीम को आने वाले टूर्नामेंट के लिए मानसिक और तकनीकी रूप से मजबूत बना सकती है. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि भारतीय महिला टीम इन तैयारियों को मैदान पर कितनी मजबूती से उतार पाती है और नेशंस कप में कैसा प्रदर्शन करती है.