Dhanbad News: कोयलांचल धनबाद में प्रशासन और सत्ताधारी दल के बीच सीधा टकराव शुरू हो गया है. धनबाद अंचलाधिकारी (CO) रामप्रवेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है. इस कानूनी कार्रवाई के बाद जिले का राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया है. कांग्रेस का आरोप है कि अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है.
विरोध को दबाने का आरोप: "लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि"
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पार्टी कार्यकर्ता जनसमस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे. आरोप है कि अंचलाधिकारी ने द्वेषपूर्ण कार्रवाई करते हुए कार्यकर्ताओं पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज करा दिया. जिलाध्यक्ष ने कहा कि जनता की समस्याओं के लिए लड़ना हमारा संवैधानिक अधिकार है, लेकिन प्रशासन इस तरह की एफआईआर (FIR) के जरिए विरोध की आवाज को दबाना चाहता है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
भ्रष्टाचार और मनमानी के गंभीर आरोप: सरकार की छवि पर सवाल
प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही कांग्रेस ने सीओ पर भ्रष्टाचार और मनमानी करने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं. जिलाध्यक्ष का कहना है कि अधिकारी की कार्यशैली से न केवल आम जनता परेशान है, बल्कि इससे राज्य सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है. कांग्रेस ने दावा किया कि पहले भी इस अधिकारी पर दुर्व्यवहार और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लग चुके हैं. पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले को लेकर चुप नहीं बैठेंगे.
आंदोलन की चेतावनी: कार्रवाई न होने पर थमेगा चक्का
धनबाद थाना में केस दर्ज होने के बाद कांग्रेस के भीतर आक्रोश व्याप्त है. पार्टी नेतृत्व ने जिला प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी है कि यदि आरोपी अधिकारी के खिलाफ त्वरित और निष्पक्ष जांच नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संकेत दिए हैं कि वे इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरेंगे. फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि आखिर विवाद की असली जड़ क्या थी.