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  • 2026-05-15

National News: तेल संकट के बीच यूएई पहुंचे पीएम मोदी, पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर होगी बड़ी बातचीत

National News: दुनिया इस समय गंभीर तेल संकट के दौर से गुजर रही है. ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव ने पूरे मध्य पूर्व की स्थिति को बेहद संवेदनशील बना दिया है. खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है. इसका सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ रहा है जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करते हैं. इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार 15 मई से संयुक्त अरब अमीरात सहित पांच देशों के अहम दौरे की शुरुआत की है. इस दौरे को भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट ने बढ़ाई भारत की चिंता
मध्य पूर्व का होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्गों में शामिल है. लेकिन ईरान और इजरायल युद्ध के कारण यहां हालात लगातार खराब हो रहे हैं. खबरों के मुताबिक यह रास्ता लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है जिससे पूरी दुनिया में तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. भारत के लिए यह स्थिति ज्यादा गंभीर इसलिए है क्योंकि देश अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में अगर तेल सप्लाई प्रभावित होती है तो इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ता है.

पेट्रोल और डीजल महंगा होने से बढ़ी लोगों की परेशानी
वैश्विक संकट के बीच भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है. इससे पहले ही महंगाई का सामना कर रहे लोगों की चिंता और बढ़ गई है. ट्रांसपोर्ट, रोजमर्रा की चीजों और बाजार की कीमतों पर इसका असर दिखाई देने लगा है. विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में और उछाल आ सकती है. ऐसे में सरकार अब वैकल्पिक और सुरक्षित ऊर्जा सप्लाई पर तेजी से काम कर रही है.

अबू धाबी में ऊर्जा सुरक्षा पर होगी अहम बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने इस पांच दिवसीय दौरे की शुरुआत यूएई से कर रहे हैं. अबू धाबी में उनकी मुलाकात यूएई के राष्ट्रपति से होगी जहां दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा रहने वाला है. भारत की कोशिश है कि यूएई के साथ तेल और गैस सप्लाई को लेकर मजबूत और भरोसेमंद समझौते किए जाएं ताकि वैश्विक संकट के समय देश में ईंधन की कमी न हो. माना जा रहा है कि इस बातचीत का असर आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है.

रणनीतिक तेल भंडारण बढ़ाने की तैयारी में भारत
भारत पहले से ही अपने रणनीतिक तेल भंडार को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है. देश के पास अभी 5.33 एमएमटी क्षमता वाले तीन बड़े रणनीतिक तेल भंडारण केंद्र मौजूद हैं. सरकार अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए 6.5 एमएमटी क्षमता वाले दो नए केंद्र बनाने की तैयारी कर रही है. इस योजना में यूएई की भूमिका भी अहम मानी जा रही है. भारत चाहता है कि संकट के समय देश के पास पर्याप्त तेल भंडार मौजूद रहे ताकि सप्लाई बाधित होने पर भी हालात नियंत्रित रखे जा सकें.

लंबे समय के तेल और एलएनजी समझौतों पर नजर
भारत सिर्फ तत्काल राहत नहीं बल्कि लंबी अवधि की ऊर्जा सुरक्षा पर भी ध्यान दे रहा है. इसी वजह से इस दौरे के दौरान कच्चे तेल के दीर्घकालिक समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है. इसके अलावा खाना पकाने वाली गैस की जरूरतों को देखते हुए एलएनजी सप्लाई बढ़ाने पर भी जोर रहेगा. इसी साल जनवरी में भारत और यूएई के बीच 3 अरब डॉलर का बड़ा एलएनजी समझौता हुआ था जिसे दोनों देशों के ऊर्जा संबंधों में बड़ी उपलब्धि माना गया था.

ओपेक से बाहर आने के बाद यूएई की भूमिका हुई अहम
यूएई हाल ही में ओपेक से बाहर निकला है. इसके बाद अब उसके पास तेल उत्पादन बढ़ाने की अधिक स्वतंत्रता है. यही वजह है कि वैश्विक संकट के इस दौर में यूएई भारत के लिए एक भरोसेमंद और स्थिर ऊर्जा साझेदार बनकर उभर सकता है.

दोनों देशों ने आने वाले वर्षों में अपने द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी तय किया है. इससे ऊर्जा, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में नए अवसर खुल सकते हैं.

यूएई में रहने वाले भारतीय भी मजबूत कर रहे हैं रिश्ते
संयुक्त अरब अमीरात में इस समय करीब 45 लाख भारतीय रह रहे हैं. वहां काम कर रहे भारतीय बड़ी मात्रा में पैसा भारत भेजते हैं जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत समर्थन मिलता है. पीएम मोदी के इस दौरे में ऊर्जा और व्यापार के साथ साथ समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा होने की उम्मीद है. ऐसे समय में जब पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से जूझ रही है, भारत यूएई के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम करता दिखाई दे रहा है.
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