Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम जिले में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. समाहरणालय सभागार में आयोजित आपूर्ति विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में उपायुक्त राजीव रंजन ने साफ कहा कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायत मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी. बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई.
पात्र लाभुकों तक समय पर राशन पहुंचाने पर प्रशासन का फोकस
बैठक में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था, लंबित राशन कार्ड आवेदन, डोर स्टेप डिलीवरी, नमक वितरण योजना, मुख्यमंत्री चना दाल योजना और पीवीटीजी परिवारों के लिए संचालित डाकिया योजना की स्थिति पर चर्चा हुई. उपायुक्त ने कहा कि सभी पात्र लाभुकों को बिना किसी बाधा के समय पर राशन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है. जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
जिले में तेजी से चल रहा है लाभुक सत्यापन और डाटा शुद्धिकरण अभियान
जिला आपूर्ति विभाग ने बैठक में बताया कि जिले में लाभुक सत्यापन और डाटा शुद्धिकरण का काम तेजी से चल रहा है. संदिग्ध आधार वाले 22 हजार 975 मामलों में से 22 हजार 689 नाम हटाए जा चुके हैं. राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम के तहत 16 हजार 399 मामलों में से 5 हजार 1 लाभुकों के नाम हटाए गए हैं, जबकि 8 हजार 384 लोग पात्र पाए गए हैं और 3 हजार 14 मामले अब भी लंबित हैं. इसी तरह निष्क्रिय राशन कार्ड के 1 लाख 64 हजार 237 मामलों में से 1 लाख 47 हजार 439 नाम हटाए गए हैं. वहीं डुप्लीकेट लाभुकों के 25 हजार 321 मामलों में से 14 हजार 417 नाम हटाए गए हैं. 4 हजार 880 लाभुक पात्र पाए गए हैं जबकि 6 हजार 24 मामलों में कार्रवाई जारी है.
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि साल भर से राशन नहीं लेने वाले लाभुकों की पहचान कर उनके नाम हटाए जाएं ताकि जरूरतमंद और योग्य लोगों को योजना का लाभ मिल सके.
डाकिया योजना में लापरवाही पर उपायुक्त ने जताई नाराजगी
डाकिया योजना की समीक्षा के दौरान पटमदा, पोटका और गोलमुरी सह जुगसलाई प्रखंड के कुछ इलाकों में खाद्यान्न वितरण लंबित पाए जाने पर उपायुक्त ने नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि यह योजना आदिम जनजाति परिवारों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने के लिए सरकार की महत्वपूर्ण योजना है. इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर महीने 10 तारीख के बजाय 5 तारीख तक ही आदिम जनजाति परिवारों को राशन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए. क्षेत्र भ्रमण के दौरान शिकायत मिलने पर संबंधित बीएसओ के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई.
जन वितरण दुकानों की होगी नियमित जांच
उपायुक्त ने पीजीएमएस पोर्टल और ईआरसीएमएस के तहत लंबित शिकायतों और आवेदनों की भी समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को सभी मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. इसके साथ ही सभी जन वितरण प्रणाली की दुकानों का नियमित औचक निरीक्षण करने को कहा गया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि कहीं भी गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी.
गोदाम मरम्मतीकरण और सप्लाई चेन मजबूत करने के निर्देश
बैठक में खाद्यान्न भंडारण और सप्लाई चेन व्यवस्था की भी समीक्षा की गई. गोदामों की क्षमता, खाद्यान्न उठाव, वितरण और परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया गया. उपायुक्त राजीव रंजन ने भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को लंबित गोदाम मरम्मतीकरण कार्य इस माह के अंत तक पूरा करने का निर्देश दिया ताकि खाद्यान्न भंडारण और वितरण में किसी प्रकार की परेशानी न हो.
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में एडीएम एसओआर राहुल आनंद, जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फीकार अंसारी, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, सभी बीएसओ, एमओ और अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे.