Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-05-17

SC Judges Count Increased: सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेगी जजों की संख्या, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अध्यादेश को दी मंजूरी

SC Judges Count Increased: देश की न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने और लंबित मामलों का बोझ कम करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाले “सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या संशोधन अध्यादेश 2026” को मंजूरी दे दी है. इस अध्यादेश के लागू होने के बाद अब सुप्रीम Court में जजों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है. इसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश यानी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शामिल नहीं होंगे. नए बदलाव के बाद चीफ जस्टिस समेत सुप्रीम कोर्ट में कुल स्वीकृत जजों की संख्या 38 हो जाएगी.
बढ़ते लंबित मामलों को देखते हुए लिया गया बड़ा फैसला
केंद्र सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में लगातार बढ़ रहे लंबित मामलों और बढ़ते कामकाज को देखते हुए जजों की संख्या बढ़ाना जरूरी हो गया था. अदालत में लाखों मामले लंबे समय से लंबित हैं, जिसकी वजह से सुनवाई में देरी हो रही है. सरकार का मानना है कि नए जजों की नियुक्ति से मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और लोगों को जल्द न्याय मिल सकेगा. सरकार के मुताबिक इससे सुप्रीम कोर्ट की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी और पुराने मामलों के निपटारे की रफ्तार तेज होगी. न्यायपालिका में लंबे समय से जजों की संख्या बढ़ाने की मांग भी उठती रही है.

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दी जानकारी
केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस फैसले की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने ‘सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या अधिनियम 1956’ में संशोधन करने वाले अध्यादेश को मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि सरकार न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है ताकि लोगों को समय पर न्याय मिल सके.

कैबिनेट की मंजूरी के बाद आया अध्यादेश
यह अध्यादेश केंद्र सरकार के उस फैसले के कुछ दिनों बाद आया है जिसमें केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट में चार नए जजों के पद बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इससे पहले 5 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में “सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या संशोधन विधेयक 2026’’ को संसद में पेश करने का फैसला लिया गया था. अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इसे अध्यादेश के रूप में लागू कर दिया गया है.

साल 2019 में भी बढ़ाई गई थी जजों की संख्या
इससे पहले वर्ष 2019 में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 30 से बढ़ाकर 33 की गई थी. अब एक बार फिर बढ़ती जरूरतों को देखते हुए इसमें चार और पद जोड़े गए हैं. भारत में सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा पहला कानून वर्ष 1956 में बनाया गया था. इसके बाद समय समय पर मामलों की संख्या और न्यायपालिका की जरूरतों के हिसाब से इसमें बदलाव किए जाते रहे हैं.

न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम
कानूनी जानकारों का मानना है कि जजों की संख्या बढ़ने से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों का दबाव कुछ हद तक कम हो सकता है. इससे सुनवाई की प्रक्रिया तेज होगी और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. सरकार इस फैसले को न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है. आने वाले समय में नए जजों की नियुक्ति के बाद अदालत की कार्यप्रणाली में भी बदलाव देखने को मिल सकता है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !