Jharkhand Politics: झारखंड प्रदेश कांग्रेस में बीते दिनों से चल रही अंदरूनी खींचतान फिलहाल धीमी पड़ती नजर आ रही है. राजनीतिक गलियारों में इसकी वजह प्रदेश प्रभारी के. राजू का प्रस्तावित झारखंड दौरा टलना माना जा रहा है.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक पैर में चोट लगने के कारण के. राजू कुछ समय तक राज्य का दौरा नहीं कर पाएंगे. बताया जा रहा है कि उनका कार्यक्रम करीब एक महीने आगे खिसक सकता है. ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को तत्काल दबाव से राहत मिलती दिख रही है.
हाल के दिनों में कांग्रेस संगठन के भीतर असंतोष खुलकर सामने आया था. कई नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे और संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएं भी तेज हो गई थीं.
सबसे पहले मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी. इसके बाद सांसद सुखदेव भगत समेत कई अन्य नेताओं की ओर से भी विरोध के संकेत मिले थे. जिलास्तर पर भी संगठन को लेकर असंतोष की चर्चाएं चल रही थीं.
हालांकि वर्तमान स्थिति पहले की तुलना में शांत मानी जा रही है. विरोध करने वाले नेताओं की सक्रियता भी कम हुई है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रभारी के दौरे में देरी से फिलहाल संगठन के भीतर टकराव की स्थिति टल गई है.
इधर पार्टी के संगठनात्मक कार्य भी प्रभावित होते दिख रहे हैं. मतदाता सूची पुनरीक्षण और बीएलए नियुक्ति की प्रक्रिया अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही है. कई कार्यकर्ता जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं, जबकि स्थानीय नेतृत्व की सक्रियता भी सीमित नजर आ रही है.
अब कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की निगाहें प्रदेश प्रभारी के अगले दौरे और उसके बाद होने वाले संगठनात्मक फैसलों पर टिकी हुई हैं.