National News: देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं रह गया है. लोगों की खानपान की आदतों में भी इसका बड़ा असर देखने को मिल रहा है. इस समय देश के ज्यादातर शहरों में ठंडी चीजों की मांग तेजी से बढ़ी है और सबसे ज्यादा फायदा आइसक्रीम इंडस्ट्री को हो रहा है. भारत का आइसक्रीम बाजार इस समय अपने हाई ग्रोथ फेज में है और इसी बीच रिलायंस समूह के मालिक मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी ने वनतारा क्रीमरी लॉन्च कर इस सेक्टर में एंट्री कर ली है. रिलायंस की इस एंट्री ने अचानक पूरे आइसक्रीम मार्केट का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है. अब लोग सिर्फ फ्लेवर और ब्रांड की बात नहीं कर रहे, बल्कि यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर भारत का आइसक्रीम कारोबार कितना बड़ा हो चुका है और आने वाले समय में इसमें कितनी संभावनाएं हैं.
अब सिर्फ गर्मियों तक सीमित नहीं रही आइसक्रीम
कुछ साल पहले तक आइसक्रीम को सिर्फ गर्मी के मौसम से जोड़कर देखा जाता था. लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. आज लोग सर्दी हो या बारिश, हर मौसम में आइसक्रीम खाना पसंद कर रहे हैं. खासकर Gen Z और अर्बन कंस्यूमर्स के बीच देस्सेर्ट कल्चर तेजी से बढ़ा है. अब आइसक्रीम सिर्फ वाणिल्ला या चॉकलेट फ्लेवर तक सीमित नहीं रही. प्रीमियम गेलातो , शुगर फ्री ऑप्शयंस , एक्सयोटिक फ्लेवर्स और गौर्मेट आइस क्रीम्स की डिमांड लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि यह इंडस्ट्री तेजी से एक्सपेंड कर रही है और छोटी कंपनियों से लेकर बड़े ब्रांड्स तक इस बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में जुटे हुए हैं.
पांच साल में लगभग दोगुना हो गया भारत का आइसक्रीम बाजार
भारत का आइसक्रीम मार्केट पिछले कुछ सालों में बेहद तेजी से बढ़ा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2020 में देश का आइसक्रीम बाजार करीब 14800 करोड़ रुपये का था. लेकिन सिर्फ पांच साल के भीतर यह बढ़कर लगभग 31276 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. यह growth सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है. अब tier 2 और tier 3 cities में भी ब्रांडेड आइस क्रीम की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. फ़ूड डिलीवरी अप्प्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफार्मस ने भी इस कारोबार को नई रफ्तार दी है. अब लोग घर बैठे कुछ ही मिनटों में प्रीमियम आइस क्रीम ऑर्डर कर रहे हैं.
आने वाले वर्षों में और तेजी से बढ़ सकता है बाजार
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत का आइसक्रीम सेक्टर अभी अपने शुरुआती ग्रोथ फेज में है. अनुमान लगाया जा रहा है कि साल 2030 तक यह बाजार करीब 65780 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. वहीं कुछ रिपोर्ट्स में 2034 तक इसके 1 लाख 19 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा होने की संभावना जताई गई है. इसका मतलब साफ है कि आने वाले वर्षों में आइसक्रीम इंडस्ट्री भारत के सबसे तेजी से बढ़ते कंस्यूमर मार्किटस में शामिल हो सकती है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह बदलती लाइफस्टाइल , बढ़ती डिस्पोजबल इनकम और सोशल मीडिया ड्राइवन फ़ूड ट्रेंड्स को माना जा रहा है.
आखिर क्या है अनंत अंबानी का वनतारा क्रीमरी
इसी तेजी से बढ़ते बाजार में अब अनंत अंबानी ने वनतारा क्रीमरी के जरिए कदम रखा है. रिलायंस पहले ही टेलीकॉम , रिटेल और FMCG सेक्टर्स में मजबूत पकड़ बना चुका है. ऐसे में अब कंपनी की नजर फ़ूड और देस्सेर्ट केटेगरी पर भी दिखाई दे रही है. जानकारी के मुताबिक वनतारा क्रीमरी ने शुरुआत में 17 अलग अलग फ्लेवर्स लॉन्च किए हैं. हालांकि अभी यह देखना बाकी है कि कंपनी खुद को प्रीमियम सेगामेंट में रखेगी या मास मार्किट स्ट्रेटेजी अपनाएगी. लेकिन एक बात साफ है कि रिलायंस की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल रिटेल नेटवर्क और मजबूत सप्लाई चैन है. यही वजह है कि मार्केट के पुराने प्लेयर्स इस एंट्री को बेहद गंभीरता से देख रहे हैं.
क्या कैंपा कोला की तरह आइसक्रीम सेक्टर में भी बड़ा बदलाव ला सकती है रिलायंस
रिलायंस इससे पहले कैंपा ब्रांड को दोबारा लॉन्च कर कोल्ड ड्रिंक मार्किट में हलचल मचा चुकी है. कंपनी ने अग्गरेसिव प्रिंसिग और डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रेटेजी के जरिए बड़े ब्रांड्स को चुनौती दी थी. अब माना जा रहा है कि कंपनी आइस क्रीम सेक्टर में भी कुछ इसी तरह की स्ट्रेटेजी अपना सकती है. अगर ऐसा होता है तो मार्किट कम्पटीशन और ज्यादा बढ़ सकता है. हालांकि इस सेक्टर में रिलायंस की टक्कर पहले से मजबूत मौजूद ब्रांड्स जैसे क्वालिटी वॉल्स, क्रीमबेल, बास्किन रॉबिंस और अमूल से होगी. इन कंपनियों का कस्टमर बेस और मार्किट प्रेजेंस पहले से काफी मजबूत है.
भारत का डेयरी सेक्टर बना सबसे बड़ी ताकत
भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और यही इस इंडस्ट्री की सबसे बड़ी ताकत भी है. आइसक्रीम बनाने के लिए जरूरी डेरी राव मटेरियल देश में आसानी से उपलब्ध हो जाता है. इसका फायदा कंपनियों को प्रोडक्शन कॉस्ट कम रखने में मिलता है. यही कारण है कि भारत में लोकल मैन्युफैक्चरिंग के जरिए बड़ी मात्रा में आइसक्रीम प्रोडक्शन संभव हो पा रहा है. साथ ही डेरी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने की वजह से नए brands के लिए भी मार्किट एंट्री आसान होती जा रही है.
महाराष्ट्र क्यों माना जाता है आइसक्रीम कारोबार का बड़ा बाजार
अगर राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र को आइसक्रीम इंडस्ट्री का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण बाजार माना जाता है. मुंबई और पुणे जैसे शहरों में प्रीमियम आइस क्रीम और एक्सपेरिमेंटल फ्लेवर्स की डिमांड काफी ज्यादा है. इन शहरों के कंस्यूमर्स नए ब्रांड्स और इंटरनेशनल स्टाइल फ्लेवर्स को जल्दी अपनाते हैं. यही वजह है कि ज्यादातर बड़ी कंपनियां महाराष्ट्र को अपनी प्रायोरिटी मार्किट मानती हैं. इसके अलावा लेट नाईट फ़ूड कल्चर , कैफ़े ट्रेंड्स और हाई spending कंस्यूमर्स भी इस मार्किट ग्रोथ को लगातार बढ़ा रहे हैं.
अब सिर्फ मिठाई नहीं बल्कि बड़ा बिजनेस बन चुकी है आइसक्रीम
आज आइसक्रीम सिर्फ बच्चों या गर्मियों की चीज नहीं रह गई है. यह एक बड़ा लाइफस्टाइल प्रोडक्ट और फ़ास्ट ग्रोइंग बिज़नेस केटेगरी बन चुकी है. सोशल मीडिया ट्रेंड्स , फ़ूड ब्लॉगिंग और इन्फेलुसर कल्चर ने भी इस सेक्टर को नई पहचान दी है. अब लोग सिर्फ टेस्ट नहीं, बल्कि प्रेजेंटेशन , यूनिक फ्लेवर्स और ब्रांड एक्सपीरियंस भी देख रहे हैं. यही कारण है कि आने वाले समय में इस इंडस्ट्री में कम्पटीशन और इन्नोवाशन दोनों तेजी से बढ़ने वाले हैं. ऐसे में अनंत अंबानी की एंट्री ने साफ कर दिया है कि भारत का आइसक्रीम बाजार अब सिर्फ सीजनल बिज़नेस नहीं, बल्कि फ्यूचर ग्रोथ मार्किट बन चुका है.