Jharkhand Politics: झामुमो के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने हरमू स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में चुनाव प्रक्रिया, वोटर सूची और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए. इस दौरान उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बंगाल चुनाव का भी जिक्र किया.
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि देश में पहले सत्ता और संसाधनों की राजनीति देखने को मिलती थी, लेकिन अब वोटरों के नाम हटाने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई.
उन्होंने दावा किया कि इस मामले पर उच्चतम न्यायालय ने भी गंभीर टिप्पणियां की हैं. उनके अनुसार लाखों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब होना लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है.
झामुमो नेता ने आशंका जताई कि झारखंड में भी इसी तरह की कोशिशें हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में भाजपा को जनसमर्थन नहीं मिलता, वहां वोटरों के नाम हटाने का प्रयास किया जा सकता है. उन्होंने बीएलओ और माइक्रो ऑब्जर्वर से पूरी सतर्कता बरतने की अपील की.
परिसीमन के मुद्दे पर भी उन्होंने चिंता जाहिर की. सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि सीटों की संख्या में बदलाव किए बिना निर्वाचन क्षेत्रों की संरचना बदली जा सकती है, जिसका असर चुनावी समीकरण पर पड़ सकता है.
राज्यसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा उम्मीदवार उतार सकती है, लेकिन जीत के लिए आवश्यक संख्या उनके पास नहीं है. उन्होंने भरोसा जताया कि सत्तारूढ़ गठबंधन के पास पर्याप्त समर्थन मौजूद है और जल्द ही उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जाएगी.
महंगाई और रुपए की गिरती स्थिति को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों से आम जनता परेशान है और आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की दरों में और इजाफा हो सकता है.
प्रेस वार्ता के अंत में सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि झारखंड की जनता लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सजग है और किसी भी प्रकार की अनियमितता का विरोध किया जाएगा.