Jharkhand News: बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना को लेकर इलाके के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. लंबे समय से अधूरी पड़ी इस योजना का काम अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और 15 जून से जलापूर्ति शुरू करने की तैयारी की जा रही है. गर्मी के दिनों में हर साल पानी की समस्या झेलने वाले लोगों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
पाइपलाइन कार्य को तेजी से पूरा करने में जुटा विभाग
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार ने पोटका विधायक संजीव सरदार को जानकारी दी है कि बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का अधिकांश काम पूरा कर लिया गया है. फिलहाल मेन लाइन में करीब 550 मीटर पाइपलाइन बिछाने का काम बाकी है. वहीं राइजिंग लाइन में लगभग 800 मीटर का कार्य अभी शेष है. विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि काम में तेजी लाई जाए और दोगुना मैनपॉवर लगाकर 15 जून से पहले सभी अधूरे कार्य पूरे कर लिए जाएं.
60 प्रतिशत घरों में पहुंच चुका है जलापूर्ति कनेक्शन
विभाग के मुताबिक अब तक करीब 60 प्रतिशत घरों में जलापूर्ति योजना के तहत कनेक्शन दिया जा चुका है. बाकी बचे 40 प्रतिशत घरों को अगले 15 दिनों के भीतर योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. अधिकारियों का कहना है कि लगातार काम किया जा रहा है ताकि योजना शुरू होते ही अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके.
15 जून से पहले टेस्टिंग शुरू करने का निर्देश
विधायक संजीव सरदार ने विभाग को योजना की टेस्टिंग जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा है कि हर हाल में 15 जून से बागबेड़ा क्षेत्र में पानी की सप्लाई शुरू होनी चाहिए. बागबेड़ा इलाके में हर साल गर्मी के मौसम में पानी को लेकर गंभीर संकट की स्थिति बन जाती है. लोगों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में इस योजना के शुरू होने से हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
गोविंदपुर योजना पहले शुरू हुई, बागबेड़ा परियोजना वर्षों तक अटकी रही
बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना काफी लंबे समय से लंबित थी. यह योजना गोविंदपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना के साथ ही शुरू की गई थी. दोनों जगहों पर वाटर प्लांट निर्माण का काम भी एक साथ शुरू हुआ था. हालांकि गोविंदपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना कई साल पहले ही शुरू कर दी गई थी, लेकिन बागबेड़ा योजना विभिन्न कारणों से अधूरी रह गई. यह परियोजना पोटका विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है.
साल 2015 में हुआ था योजना का शिलान्यास
बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना और गोविंदपुर बृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना का शिलान्यास 18 अप्रैल 2015 को पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने किया था. इन दोनों योजनाओं को 237 करोड़ 21 लाख रुपए की लागत से पूरा किया जाना था. अब करीब एक दशक बाद बागबेड़ा योजना के जमीन पर उतरने की उम्मीद नजर आ रही है.