Ranchi: झारखंड सरकार ने राज्य कर्मचारियों को सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाता संख्या जारी करने की प्रक्रिया को और व्यवस्थित बनाने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है। वित्त विभाग द्वारा जारी इस नई व्यवस्था में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के अंतर्गत आने वाले कर्मियों के लिए अलग-अलग प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।
OPS का विकल्प चुनने वालों के लिए विशेष प्रावधान
सरकार की ओर से बताया गया है कि 1 दिसंबर 2004 से 31 अगस्त 2022 के बीच नियुक्त कर्मचारियों को OPS में शामिल होने का विकल्प दिया गया था। जिन कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना को चुना है, उन्हें N-Series यानी PRAN लिंक्ड GPF खाता संख्या आवंटित की गई है। ऐसे कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय PRAN खाते में जमा सरकारी अंशदान और उस पर मिले ब्याज की राशि सरकार को वापस करनी होगी। वहीं 31 अगस्त 2022 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को स्वतः OPS के दायरे में रखा गया है और उन्हें D-Series GPF नंबर जारी किए जा रहे हैं।
पुरानी सेवा जोड़ने वाले कर्मियों के लिए अलग प्रक्रिया
नई SOP में उन कर्मचारियों के लिए भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं, जो पहले किसी अन्य विभाग या सेवा में कार्यरत थे और बाद में नई नियुक्ति प्राप्त की है। यदि कर्मचारी की पूर्व सेवा को नई सेवा में जोड़ा जाता है, तो उसकी GPF कटौती पुराने खाते से ही जारी रहेगी। बाद में नई सेवा के अनुसार नया GPF नंबर जारी कर पुरानी राशि को उसमें ट्रांसफर किया जाएगा और पुराना खाता बंद कर दिया जाएगा।
सेवा निरंतरता नहीं होने पर निकालनी होगी पुरानी राशि
वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों की पुरानी सेवा नई नियुक्ति में मान्य नहीं होगी, उन्हें पहले पुराने GPF या PRAN खाते की राशि निकालनी होगी। इसके बाद निर्धारित घोषणा पत्र जमा करने पर उन्हें नई सेवा के लिए D-Series GPF खाता संख्या आवंटित की जाएगी।
केंद्र या अन्य सेवाओं से आने वालों के लिए भी अलग नियम
केंद्र सरकार अथवा अन्य सेवाओं से झारखंड सरकार की सेवा में आने वाले कर्मचारियों के लिए भी अलग प्रक्रिया निर्धारित की गई है। ऐसे मामलों में सेवा जोड़ने की पात्रता और सरकारी अंशदान की वसूली की स्थिति के आधार पर N-Series या D-Series GPF नंबर जारी किया जाएगा।
AIS अधिकारियों पर भी लागू होगी नई व्यवस्था
अखिल भारतीय सेवा (AIS) में प्रोन्नत अधिकारियों के लिए भी नई SOP लागू की गई है। ऐसे अधिकारियों की पुरानी GPF राशि को नई सेवा के खाते में स्थानांतरित किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी की सेवा निरंतरता मान्य नहीं होती है, तो उसे नई व्यवस्था के तहत D-Series GPF नंबर दिया जाएगा।
वित्त विभाग के अनुसार इस प्रस्ताव को वित्त मंत्री की स्वीकृति मिल चुकी है और अब इसे राज्यभर में लागू किया जाएगा।