Jharkhand High Court: साल 2002 के चर्चित चतरा नक्सली हमले के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने आरोपी लक्ष्मण गंझू उर्फ कोहराम जी को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने उसकी जमानत मंजूर करते हुए चतरा की निचली अदालत के जमानत खारिज करने के आदेश को रद्द कर दिया.
10 हजार के मुचलके पर मिलेगी रिहाई
न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति एके राय की खंडपीठ ने आरोपी को 10 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदारों पर रिहा करने का आदेश दिया. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी बिना उचित कारण किसी भी सुनवाई से अनुपस्थित नहीं रहेगा और हर तारीख पर ट्रायल कोर्ट में उपस्थित होगा.
2002 के नक्सली हमले से जुड़ा है मामला
अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2002 में चतरा जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इस हमले में कई पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी, कई जवान घायल हुए थे और नक्सली पुलिस के हथियार व गोला-बारूद लूटकर फरार हो गए थे.
बचाव पक्ष ने रखी यह दलील
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि लक्ष्मण गंझू का नाम सह-आरोपी प्यारे खान के कथित स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर सामने आया था. साथ ही बताया गया कि वह 13 सितंबर 2022 से जेल में बंद है और इसी मामले के कई अन्य आरोपियों को पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है.
सरकार ने किया विरोध
राज्य सरकार ने जमानत का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि लक्ष्मण गंझू के खिलाफ छह आपराधिक मामले दर्ज हैं. हालांकि कोर्ट ने मामले की परिस्थितियों और सह-आरोपियों को पहले मिल चुकी जमानत को आधार मानते हुए आरोपी को राहत दे दी.