National News: जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी संगठनों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच प्रतिबंधित संगठन अल बद्र से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक संगठन का शीर्ष आतंकी अरजमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान मारा गया है. हालांकि अब तक इस मामले में आधिकारिक एजेंसियों की ओर से विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है.
सुरक्षा एजेंसियों की सूची में था शामिल
हमजा बुरहान लंबे समय से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था. उसे आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क का अहम संचालक माना जाता था. बताया जाता है कि वह पाकिस्तान में रहकर जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल, भर्ती तंत्र और सीमा पार गतिविधियों को संचालित करने में भूमिका निभा रहा था.
पुलवामा जिले का रहने वाला था
सूत्रों के अनुसार हमजा बुरहान दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा इलाके का निवासी था. शुरुआती दौर में वह वैध दस्तावेजों के जरिए पाकिस्तान पहुंचा था. वहां जाने के बाद उसने अल बद्र संगठन जॉइन किया और धीरे-धीरे संगठन में उसकी पकड़ मजबूत होती गई. बाद में वह आतंकी संगठन के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गया.
युवाओं को भटकाने में था सक्रिय
जांच एजेंसियों के मुताबिक वह सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने और आतंकी संगठनों से जोड़ने की कोशिश करता था. सुरक्षा एजेंसियां उसकी ऑनलाइन गतिविधियों और संपर्कों पर लगातार नजर रखे हुए थीं.
कई आतंकी नेटवर्क से जुड़े थे संबंध
सूत्रों का दावा है कि हमजा बुरहान पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सक्रिय आतंकी ढांचे से जुड़ा हुआ था. वह सीमा पार से संचालित गतिविधियों, घुसपैठ और आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था.
पुलवामा हमले के नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों ने पहले भी आशंका जताई थी कि उसका संबंध पुलवामा हमले से जुड़े कुछ आतंकियों और नेटवर्क से रहा है. हालांकि इस मामले में अलग-अलग एजेंसियों द्वारा कई स्तरों पर जांच की जा चुकी है. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे शीर्ष आतंकियों के खत्म होने से आतंकी संगठनों की गतिविधियों और भर्ती नेटवर्क पर असर पड़ता है.