Gumla: गुमला जिले में लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों के बीच युवा IPS अधिकारी हरीश बिन जमा चर्चा में हैं। वर्ष 2017 बैच के इस अधिकारी ने करीब 11 महीने पहले जिले की कमान संभाली थी। इसके बाद से पुलिस ने कई बड़े ऑपरेशन चलाकर नक्सली संगठनों के नेटवर्क को कमजोर करने में सफलता हासिल की है।
सात उग्रवादी ढेर, मार्टिन केरकेट्टा एनकाउंटर बड़ी सफलता
पुलिस अभियानों के दौरान अब तक सात उग्रवादियों को मार गिराया गया है। इनमें पीएलएफआई के सेकेंड इन कमांड और 25 लाख रुपये के इनामी उग्रवादी मार्टिन केरकेट्टा का एनकाउंटर सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है। इसके अलावा जेजेएमपी के कई कमांडरों ने भी आत्मसमर्पण किया है। हाल ही में पांच लाख रुपये के इनामी उग्रवादी श्रवण गोप और सचिन बेक ने भी पुलिस के समक्ष सरेंडर किया है।
लगातार दबाव और पुनर्वास नीति का असर
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि लगातार चल रहे अभियान, सुरक्षा बलों का दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण गुमला जिले में जेजेएमपी का प्रभाव लगभग खत्म हो चुका है। पुलिस का कहना है कि उग्रवादी संगठन से जुड़े लोग अब मुख्यधारा में लौटने लगे हैं।
गांवों में बढ़ा सुरक्षा का एहसास
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जिन इलाकों में नक्सलियों का प्रभाव अधिक था, वहां अब हालात काफी बदले हैं। ग्रामीणों के मुताबिक गांवों में पहले की तुलना में शांति और सुरक्षा का माहौल बना है, जिससे लोगों में विश्वास बढ़ा है।