Umar Khalid Interim Bail: दिल्ली दंगों के आरोपी और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र उमर खालिद को दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. अदालत ने उनकी मां की सर्जरी को आधार मानते हुए तीन दिनों की सीमित अंतरिम जमानत मंजूर कर ली है. हाई कोर्ट ने उमर खालिद को 1 जून से 3 जून 2026 तक (1 जून सुबह 7 बजे से 3 जून शाम 5 बजे तक) 1 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जेल से बाहर आने की अनुमति दी है. सुनवाई के दौरान अदालत ने यह स्पष्ट किया कि हालांकि खालिद इस पूरे मामले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक हैं, लेकिन मां की चिकित्सा स्थिति को देखते हुए यह मानवीय राहत दी जा रही है.
एनसीआर से बाहर जाने पर रोक, केवल अस्पताल और घर की इजाजत
अदालत ने अंतरिम जमानत देने के साथ ही उमर खालिद पर कई कड़े प्रतिबंध भी लगाए हैं. निर्देशों के मुताबिक, जमानत अवधि के दौरान खालिद को अनिवार्य रूप से दिल्ली-एनसीआर (NCR) क्षेत्र में ही रहना होगा, वे अपने घर पर रहेंगे और मां की देखभाल के लिए केवल अस्पताल जा सकेंगे. हाई कोर्ट ने फैसले में यह भी रेखांकित किया कि खालिद को इससे पहले भी पारिवारिक समारोहों (जैसे उनकी बहन की शादी) के लिए अंतरिम जमानत दी जा चुकी है और उन्होंने पूर्व में कोर्ट द्वारा लगाई गई सभी शर्तों का पूरी तरह पालन किया था.
ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दी थी अर्जी, दिल्ली पुलिस ने किया था विरोध
इससे पहले 19 मई को निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) ने उमर खालिद की इस जमानत याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिदीप पाइस के माध्यम से हाई कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी थी. अदालत में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के वकील ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया था कि खालिद की मां की सर्जरी बेहद छोटी है और घर में उनकी देखभाल के लिए बहनें पहले से मौजूद हैं. हालांकि, कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए राहत दे दी. बता दें कि उमर खालिद पर साल 2016 के जेएनयू नारेबाजी विवाद में देशद्रोह और सितंबर 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की मुख्य साजिश रचने के आरोप में यूएपीए (UAPA) के तहत मामला दर्ज है.