RANCHI: राजधानी रांची में बढ़ती गर्मी के बीच लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाने का फैसला लिया है। सड़क किनारे बिकने वाले खाने-पीने के सामान की गुणवत्ता जांचने के लिए अब मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब का इस्तेमाल किया जाएगा। विभाग का कहना है कि गर्मी के मौसम में फूड पॉइजनिंग और संक्रमण के मामले बढ़ने की आशंका रहती है, इसलिए निगरानी और सख्त की जा रही है।
अगले सप्ताह से शुरू होगा विशेष अभियान
फूड सेफ्टी विभाग की ओर से बताया गया कि शहर के प्रमुख बाजारों, फूड स्टॉल, स्कूलों के आसपास लगने वाली दुकानों, शाम के स्नैक पॉइंट और रोडसाइड ढाबों को चिन्हित किया जा रहा है। वहां बिकने वाले खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर मौके पर ही उनकी जांच की जाएगी। इस दौरान तेल, मसाले, पानी, दूध से बने सामान और तैयार खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जाएगी।
गर्मी में बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा
फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. पवन कुमार ने बताया कि तेज गर्मी में भोजन जल्दी खराब हो जाता है और बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। खुले में रखे खाद्य पदार्थ, गंदे पानी का इस्तेमाल और गलत तरीके से भोजन स्टोर करना लोगों की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसी वजह से इस बार निरीक्षण अभियान को ज्यादा व्यापक रूप से चलाने की तैयारी की गई है।
दुकानदारों को दिए गए सख्त निर्देश
विभाग ने सभी स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और ढाबा संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। खाने की चीजों को ढककर रखने, साफ पानी का इस्तेमाल करने, कचरे के लिए ढके डस्टबिन रखने और शाकाहारी व मांसाहारी भोजन को अलग रखने को कहा गया है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में लाइसेंस रद्द करने, खाद्य सामग्री जब्त करने और कानूनी कार्रवाई तक की जा सकती है।
लोगों से भी सतर्क रहने की अपील
फूड सेफ्टी विभाग ने आम लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग का कहना है कि गर्मी के मौसम में खुले में रखे कटे फल, बिना ढके खाद्य पदार्थ और अस्वच्छ जगहों पर तैयार खाना खाने से बचना चाहिए, ताकि फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं से सुरक्षित रहा जा सके।