National News: कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर चल रहा विवाद अब देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच गया है. सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में CJP से जुड़े लोगों के खिलाफ स्वतंत्र CBI जांच कराने और FIR दर्ज करने की मांग की गई है. इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक नई बहस छेड़ दी है.
फर्जी डिग्री और सुप्रीम कोर्ट की पहचान के दुरुपयोग के आरोपों ने बढ़ाई गंभीरता
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि CJP से जुड़े कुछ लोगों ने कथित तौर पर फर्जी कानून की डिग्रियों का इस्तेमाल किया और खुद को कानूनी विशेषज्ञ या वकील बताकर लोगों को गुमराह किया. याचिकाकर्ता ने दावा किया कि इससे न्यायिक व्यवस्था और सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है.
याचिका में अदालत से मांग की गई है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो को इस पूरे मामले की स्वतंत्र और गहराई से जांच करने का निर्देश दिया जाए. साथ ही कथित आपराधिक साजिश और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल की भी जांच कराने की अपील की गई है.
सोशल मीडिया विवाद के बीच कोर्ट पहुंचा मामला
यह मामला ऐसे समय सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है जब सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की उस टिप्पणी के बाद यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आया, जिसमें उन्होंने व्यवस्था पर हमला करने वालों को लेकर कड़ी बात कही थी. इसी बीच खुफिया ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार ने गुरुवार को CJP के आधिकारिक एक्स अकाउंट को भारत में ब्लॉक कर दिया था. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत यह कार्रवाई की. एजेंसियों का आरोप था कि संगठन सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री फैला रहा था और देश की संप्रभुता को चुनौती देने वाली बातें पोस्ट कर रहा था.
मीम और व्यंग्य से शुरू हुआ आंदोलन बना बड़ा डिजिटल कैंपेन
कॉकरोच जनता पार्टी एक व्यंग्यात्मक और मीम आधारित डिजिटल आंदोलन के तौर पर सामने आई थी. इसकी शुरुआत महाराष्ट्र के संभाजीनगर निवासी और बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र अभिजीत दीपके ने की थी. अभिजीत खुद को बेरोजगार युवाओं की आवाज बताते हैं. पिछले कुछ दिनों में यह आंदोलन खासकर जेन जी युवाओं के बीच तेजी से वायरल हुआ. मीम्स, सत्ता विरोधी टिप्पणियों और डिजिटल कैंपेन के जरिए CJP ने सोशल मीडिया पर बड़ी पहचान बना ली. कुछ ही समय में इसके लाखों फॉलोअर्स हो गए और यह इंटरनेट पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया.
अकाउंट हैकिंग और सोशल मीडिया रोक लगाने का अभिजीत ने लगाया आरोप
अभिजीत दीपके ने शनिवार को दावा किया कि संगठन से जुड़े कई सोशल मीडिया अकाउंट्स हटाए गए हैं और कुछ अकाउंट्स हैक भी कर लिए गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अब उन्हें संगठन के किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंच नहीं मिल रही है. अभिजीत ने यह भी कहा कि उनका निजी इंस्टाग्राम अकाउंट भी हैक कर लिया गया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि संगठन का इंस्टाग्राम पेज हटाया गया, ट्विटर अकाउंट पर रोक लगाई गई और बैकअप अकाउंट को भी बंद कर दिया गया.
प्रतिबंध के बाद नया हैंडल बनाकर समर्थकों से जुड़ने की अपील
सरकारी कार्रवाई के बाद अभिजीत दीपके ने नया सोशल मीडिया हैंडल Cockroach is Back बनाया. उन्होंने अपने समर्थकों से नए प्लेटफॉर्म पर जुड़ने की अपील की. अभिजीत ने यह भी दावा किया कि संगठन की वेबसाइट cockroachjanataparty.org को भी बंद कर दिया गया है.
कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर देशभर में तेज हुई बहस
कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर अब देशभर में बहस तेज हो गई है. एक तरफ कुछ लोग इसे युवाओं की डिजिटल आवाज और विरोध का नया तरीका बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ इस पर भड़काऊ सामग्री और व्यवस्था विरोधी अभियान चलाने के आरोप लगाए जा रहे हैं. अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा यह मामला आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक और कानूनी मुद्दा बन सकता है.