Bengal Politics: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्ता से बाहर होने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहली बार खुलकर चुनावी प्रक्रिया और विपक्षी एकजुटता को लेकर बड़ा बयान दिया है. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा है कि विपक्षी गठबंधन इंडिया अलायंस के दलों की बैठक जून के पहले सप्ताह में हो सकती है. इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष आने वाले समय में लंबी राजनीतिक लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा है.
फेसबुक लाइव में ममता ने कहा हम अंत तक लड़ेंगे और हार नहीं मानेंगे
रविवार को फेसबुक लाइव के जरिए जनता को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्षी दल संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार हैं और वह अंत तक हार नहीं मानेंगी. अपने संबोधन में उन्होंने चुनावी नतीजों और पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए. ममता ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में बड़े स्तर पर धांधली हुई है और कई सीटों के परिणाम बदले गए हैं.
150 सीटों के नतीजे पलटे जाने का लगाया आरोप
टीएमसी सुप्रीमो ने दावा किया कि करीब 150 विधानसभा क्षेत्रों में उनकी पार्टी के पक्ष में आने वाले नतीजों को बदला गया. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन सीटों पर तृणमूल कांग्रेस जीत रही थी, उन्हें हार में बदल दिया गया. ममता का कहना था कि अगर चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष होती तो उनकी पार्टी को 220 से 230 सीटें मिल सकती थीं.
एसआईआर अभियान और चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और भाजपा पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर अभियान और चुनावी प्रक्रियाओं में कई अनियमितताएं हुईं. ममता ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान शुरुआत में लगभग 60 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए थे. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर मामला बताया.
संदिग्ध सीटों पर कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी में टीएमसी
ममता बनर्जी ने साफ कहा कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया को लेकर संदेह है, वहां तृणमूल कांग्रेस कानूनी रास्ता अपनाएगी. उन्होंने कहा कि पार्टी हर उस सीट पर कानूनी विकल्पों पर विचार करेगी जहां चुनावी गड़बड़ी की आशंका है. इससे साफ संकेत मिला कि टीएमसी अब राजनीतिक लड़ाई के साथ साथ कानूनी मोर्चे पर भी सक्रिय होने जा रही है.
भाजपा ने ममता के आरोपों को बताया हार की बौखलाहट
ममता बनर्जी के आरोपों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा की वरिष्ठ नेता केया घोष ने कहा कि ममता बनर्जी हार स्वीकार नहीं कर पा रही हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2011, 2016 और 2021 के चुनावों में टीएमसी की जीत हुई थी, तब चुनाव प्रक्रिया पर कोई सवाल क्यों नहीं उठाया गया. केया घोष ने कहा कि अगर पिछले चुनाव निष्पक्ष थे तो अचानक 2026 के चुनाव को गलत कैसे बताया जा सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी साजिश की राजनीति कर रही हैं और संविधान की भावना के खिलाफ बयान दे रही हैं.
भाजपा ने बूथ कब्जा और हिंसा का भी उठाया मुद्दा
भाजपा नेता ने तंज कसते हुए कहा कि ममता बनर्जी के लिए जीत का मतलब बूथ कब्जा, राजनीतिक हिंसा और विरोधियों पर हमला है. उन्होंने कहा कि जनता ने इस बार बदलाव के पक्ष में फैसला दिया है और अब हार के बाद टीएमसी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रही है. पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव नतीजों के बाद आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. एक तरफ टीएमसी चुनावी गड़बड़ी का मुद्दा उठा रही है तो दूसरी ओर भाजपा इसे हार की निराशा बता रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और अधिक गरमाने के संकेत मिल रहे हैं.