Jamshedpur: सोनारी के आदर्श नगर में JNAC के द्वारा कराई जा रही खुदाई के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टला। जानकारी के अनुसार, पिछले एक हफ्ते से जेएनएसी वहां पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई करवा रही थी। इसी दौरान काम कर रही जेसीबी (JCB) सीधे गेल (GAIL) की गैस पाइपलाइन से जा टकराई, जिससे पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई और गैस का रिसाव (लीकेज) शुरू हो गया। गैस लीक होने की खबर से स्थानीय निवासियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत गेल की टीम को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद गेल की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। इसमें हैरानी की बात यह कि JNAC ने यह खुदाई बिना किसी पूर्व सूचना के शुरू की।
जब पहले से बोर्ड लगा था, तो वहां खुदाई क्यों की गई?
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जेएनएसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना सवाल है कि जब उस संवेदनशील इलाके में पहले से ही गेल (GAIL) का सुरक्षा बोर्ड लगा हुआ था, जिस पर साफ लिखा था कि नीचे गैस पाइपलाइन गुजरी है, तो फिर जेएनएसी के अधिकारियों और ठेकेदार ने वहां जेसीबी क्यों चलाई? क्या जेएनएसी के इंजीनियर इतने अंधे हो चुके हैं कि उन्हें सामने लगा चेतावनी बोर्ड भी दिखाई नहीं देता? क्या किसी बड़े हादसे और लोगों की जान जाने के बाद ही विभाग की नींद टूटती?
बिना किसी पूर्व सूचना के चोरी-छिपे खुदाई क्यों?
वहीं, दूसरा और सबसे बड़ा प्रशासनिक सवाल यह उठता है कि किसी भी व्यस्त या रिहायशी इलाके में खुदाई करने से पहले स्थानीय जनता और संबंधित विभागों को पूर्व सूचना (Prior Notice) देना अनिवार्य है। तो फिर जेएनएसी ने इस नियम की धज्जियां क्यों उड़ाईं? बिना किसी रूट मैप और बिना किसी विभागीय तालमेल के इस तरह लापरवाही से खुदाई करना सीधे तौर पर आम नागरिकों की जिंदगी से खिलवाड़ है। क्या जेएनएसी ने ठेकेदार को पूरी मनमानी करने की खुली छूट दे रखी है?
फिलहाल गेल की तकनीकी टीम द्वारा लीकेज की स्थिति को संभाल किया गया। लेकिन स्थानीय लोग जेएनएसी से इस लापरवाही पर जवाबदेही तय करने और भविष्य में पूरी सतर्कता बरतने की मांग कर रहे हैं।