Seraikela: सरायकेला जिले के जनसहभागी विकास केंद्र द्वारा संचालित वात्सल्य बालिका गृह से दो बच्चियों के लापता होने के मामले में गुरुवार को जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (DSWO) सत्या ठाकुर जांच के लिए बालिका गृह पहुंचीं। हालांकि जांच के दौरान बालिका गृह के सभी दरवाजे बंद कर दिए गए, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी देखी गई।
ग्राम प्रधान और पत्रकारों को बाहर रोका गया
गुरुवार 28 मई को दोपहर करीब 12 बजे जैसे ही DSWO सत्या ठाकुर बालिका गृह पहुंचीं, मुख्य गेट समेत सभी दरवाजे अंदर से बंद कर दिए गए। मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान ने अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी प्रवेश नहीं दिया गया।
स्थिति ऐसी हो गई कि ग्राम प्रधान और स्थानीय पत्रकारों को बालिका गृह के बाहर दरवाजे के पास खटिया पर बैठकर इंतजार करना पड़ा।
दो महिलाओं को मिला प्रवेश, सवालों पर नहीं दिया जवाब
खबर लिखे जाने तक किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी। हालांकि इस दौरान दो महिलाओं को अंदर जाते देखा गया। जब उनसे परिचय और आने का कारण पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और सीधे अंदर चली गईं।
दो दिनों से लापता हैं बच्चियां
जानकारी के अनुसार, वात्सल्य बालिका गृह से दो बच्चियां पिछले दो दिनों से लापता हैं। घटना के करीब 48 घंटे बाद प्रशासन की ओर से जांच शुरू की गई। हालांकि जांच प्रक्रिया के दौरान दरवाजे बंद कर देना और बाहरी लोगों को अंदर नहीं जाने देना कई सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब ग्राम प्रधान और मीडिया को ही अंदर नहीं जाने दिया जा रहा, तो जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। फिलहाल बालिका गृह प्रबंधन और जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।