Shankaracharya Bail Relief: पॉक्सो मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को बरकरार रखते हुए उसमें हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है. मामले की सुनवाई जस्टिस एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली बेंच ने की. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता पक्ष से कई अहम सवाल पूछे और मामले में देरी से कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणियां भी कीं.
शिकायतकर्ता से सुप्रीम कोर्ट ने पूछे अहम सवाल
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी से पूछा कि यदि उन्हें कथित घटना की जानकारी पहले से थी तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी. अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता घटना के समय मौजूद थे और पूरे मामले से परिचित भी थे, इसके बावजूद शुरुआती स्तर पर जरूरी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई.
कोर्ट ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता पुलिस के पास जरूर गए थे, लेकिन उस दौरान उन्होंने इस मामले से जुड़ी जानकारी साझा नहीं की. अदालत की इन टिप्पणियों को मामले की सुनवाई में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
जमानत रद्द कराने के लिए दाखिल की गई थी याचिका
शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग की गई थी. याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से अदालत में दलील दी गई कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जमानत पर बाहर रहते हुए गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं.
याचिका में यह भी कहा गया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देते समय मामले की विस्तार से व्याख्या की, जो एक तरह से मिनी ट्रायल जैसी स्थिति थी. इसके अलावा शिकायतकर्ता पक्ष ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट की ओर से मीडिया में बयान नहीं देने की शर्त लगाई गई थी, लेकिन उसका कथित तौर पर उल्लंघन हुआ.
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अग्रिम जमानत दी थी. हाईकोर्ट के इसी फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया और अग्रिम जमानत को बरकरार रखा.
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मिली राहत जारी रहेगी. वहीं अदालत की टिप्पणियों के बाद इस मामले को लेकर कानूनी और धार्मिक दोनों हलकों में चर्चा तेज हो गई है.
क्या है पूरा मामला
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था. मामला सामने आने के बाद से ही इसे लेकर लगातार विवाद और चर्चाएं होती रही हैं. अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत को बरकरार रखने के बाद इस मामले ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है. आने वाले दिनों में केस की आगे की सुनवाई और जांच पर सभी की नजर बनी रहेगी.