Jamshedpur: शहर की राजनीति में इन दिनों हरेराम सिंह की भाजपा में वापसी चर्चा का विषय बनी हुई है। कभी भाजपा से जुड़े रहे हरेराम सिंह पार्टी से निष्कासित होने के बाद जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हुए थे और वहां संगठनात्मक जिम्मेदारी भी संभाली थी। अब एक बार फिर उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
भाजपा से निष्कासन के बाद जदयू में हुए थे शामिल
जानकारी के अनुसार, पिछले विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कई नेताओं को छह वर्षों के लिए निष्कासित किया था। हरेराम सिंह भी उनमें शामिल थे। इसके बाद उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) की सदस्यता ग्रहण की और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई।
जदयू ने जारी किया स्पष्टीकरण
हरेराम सिंह की भाजपा में वापसी के बाद जनता दल (यूनाइटेड) ने भी अपना पक्ष स्पष्ट किया है। प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए जदयू के जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि हरेराम सिंह को पहले ही पार्टी के पद से मुक्त कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में उन्हें जनता दल (यूनाइटेड) पूर्वी सिंहभूम का जिलाध्यक्ष बनाया गया है और पार्टी का संगठन विस्तार नए सिरे से किया जा रहा है।
"हरेराम सिंह का जदयू से अब कोई संबंध नहीं"
सुबोध श्रीवास्तव ने स्पष्ट कहा कि हरेराम सिंह का वर्तमान में जनता दल (यूनाइटेड) से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने इस दावे का भी खंडन किया कि हरेराम सिंह अभी जदयू के जिला महासचिव हैं। उनके अनुसार पार्टी संगठन अनुशासन और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत कार्य कर रहा है।
भाजपा ने किया स्वागत
वहीं भाजपा नेताओं ने हरेराम सिंह की वापसी का स्वागत करते हुए इसे संगठन के लिए सकारात्मक कदम बताया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि उनकी वापसी से पार्टी को मजबूती मिलेगी।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा जारी
हरेराम सिंह की भाजपा में वापसी और जदयू की ओर से जारी स्पष्टीकरण के बाद जमशेदपुर की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। इस घटनाक्रम को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चाओं का दौर जारी है।